नरसिंहपुरः समय पर नहीं मिल रहा यूरिया, गुस्साए किसानों ने की नारेबाजी


यूरिया की इस कमी के कारण किसानों में रोष है। इसी कारण किसानों ने मंडी रोड सोसायटी के पास यूरिया नही मिलने से जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने कहा कि टोकन व्यवस्था गड़बड है। किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराए जाने के लिए टोकन भी नहीं मिल रहे हैं।


ब्रजेश शर्मा ब्रजेश शर्मा
उनकी बात Updated On :
angry farmers
नारेबाजी करते नाराज किसान


नरसिंहपुर। हर बार रबी सीजन में बोवनी-बखरनी के वक्त यूरिया नही मिलता। प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि यह बात बखूबी जानते हैं कि कब किसानों को यूरिया की जरूरत पड़ती है। बावजूद इसके हर सीजन में किल्लत बनी रहती हैं।

यूरिया की इस कमी के कारण किसानों में रोष है। इसी कारण किसानों ने मंडी रोड सोसायटी के पास यूरिया नही मिलने से जमकर नारेबाजी की।

इस दौरान किसानों ने कहा कि टोकन व्यवस्था गड़बड है। किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराए जाने के लिए टोकन भी नहीं मिल रहे हैं।

यूरिया को लेकर जिले का कृषि महकमा और प्रशासन लाख दावे करें और आंकड़ों की बाजीगरी दिखाएं कि कहां कितना मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, लेकिन वास्तविकता यह है कि हर बार सीजन में किसान यूरिया के लिए भटकता है।

दो बोरी यूरिया के लिए उसे कतारें लगानी पड़ती हैं। यहां नरसिंहपुर सहकारी विपणन संघ के वितरण केंद्र में दर्जनों गांव के किसान इकट्ठे हुए थे, लेकिन उन्हें यूरिया नहीं मिला।

बांटते थे 40 टोकन, वह भी नहीं दिए – 

किसानों की समस्या यह थी कि मंडी सोसायटी ने उन्हें बुधवार को टोकन भी उपलब्ध नहीं कराए। बुजुर्ग किसान कई घंटे तक खड़े रहे और फिर सेल्समैन सोसायटी बंद करके चला गया। केंद्र से यूरिया बांटने के लिए 40 किसानों को टोकन मिलते थे, लेकिन बुधवार को वह भी नहीं दिए।

ग्राम भरवारा के किसान लोकमन कहते हैं कि 

यूरिया के लिए किसान अपनी बही, अपने कागज लेकर घंटों खड़ा रहता है पर टोकन नहीं मिल रहे। एक दिन में आप 40 लोगों को टोकन बांटोगे और वह बुधवार को नहीं मिले तो कितने किसानों को यूरिया दे पाओगे। प्रशासन सरलता से यूरिया बांटने की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है।

 

जितेन्द्र कुशवाहा, ग्राम खापा
जितेन्द्र कुशवाहा, ग्राम खापा

 

बुजुर्ग किसान भी कई घंटे लाइन में लगे रहे, लेकिन उन्हें यूरिया का टोकन नहीं मिला। प्रशासन को यूरिया के लिए टोकन की संख्या बढ़ाना चाहिए। किसानों की तो कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है। रात में ट्रक प्राइवेट सेक्टर में जा रहे हैं। बड़े लोगों को आसानी से यूरिया मिलता है।
– जितेन्द्र कुशवाहा, ग्राम खापा

राघवेन्द्र पटेल, रानीपिपरिया
राघवेन्द्र पटेल, रानीपिपरिया

सरलता से यूरिया नहीं मिल रहा है। हर सीजन में किसानों को समस्या झेलनी पड़ती है पर किसानों की समस्या सुझलाने के लिए नेता व अधिकारी ध्यान नहीं देते।
– राघवेन्द्र पटेल, रानीपिपरिया

जगदीश पटेल, ग्राम पांसी
जगदीश पटेल, ग्राम पांसी

कामधंधा छोड़कर किसान यूरिया के लिए लाइन में लगा है। अधिकारी कहते हैं कि पर्याप्त यूरिया है। फिर भी लंबी लाइन लगे रहने के बाद भी यूरिया उपलब्ध नहीं हो रहा है। प्रशासन सुनता ही नहीं।
– जगदीश पटेल, ग्राम पांसी



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