24,200 स्कूल शिक्षकों की भर्ती का ऐलान, पुराने चयनित अब भी कर रहे नियुक्ति का इंतज़ार


प्रियंका साहू, रोहिणी जायसवाल का कहना है कि सरकार बेरोजगार से धन जुटाने के लिए इस तरह की भर्तियां निकालती है और बाद में उन्हें लंबित रखती हैं


ब्रजेश शर्मा ब्रजेश शर्मा
उनकी बात Updated On :

नरसिंहपुर। मंगलवार दो मार्च को प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में स्कूली शिक्षा विभाग के तहत 24 हजार 200 स्कूल शिक्षकों की भर्ती के ऐलान से शिक्षक पद के लिए चयनित बीसों अभ्यर्थियों ने यह आशंका जताई है कि अब कहीं उन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर न कर दिया जाए।

शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कराकर उन्हें ज्वाइनिंग दी चयनित शिक्षक बीते 5 फरवरी को रैली निकालकर चुके हैं, मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में यह मांग कर चुके हैं।

चयनित शिक्षक संघ से जुड़े अभ्यर्थियों ने कहा कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 के पहले स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कल्याण विभाग द्वारा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के माध्यम से संयुक्त पात्रता परीक्षा के अंतर्गत शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा परिणाम के बाद नियुक्ति के लिए दोनों विभागों ने काउंसलिंग भी शुरू की थी।

दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई थी पर एक साल बाद भी काउंसलिंग की प्रक्रिया दस्तावेज सत्यापन पर अटकी रही जिससे नियुक्तियां आज तक लंबित हैं।

जुलाई 2020 में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई पर उसे भी आधा अधूरा छोड़ दिया गया। बताया गया कि कोरोना की वजह से वाहन नहीं है, परिवहन की सुगम व्यवस्था नहीं है। और इसके बाद आज तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।

नवीन दुबे, वेदप्रकाश पांडे, राहुल राजौरिया, आशीष पांडे, बालकृष्ण चौधरी आदि अभ्यर्थियों का कहना है कि वह शासन से नियुक्ति की निश्चित दिनांक घोषित करने की मांग करते रहे हैं।

कई अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि अब शासन ने मंगलवार को प्रदेश के बजट में 24 हजार 200 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया का ऐलान किया है। यह फिलहाल उनकी समझ से परे हैै क्योंकि जो अभ्यर्थी परीक्षा पास करके काउंसलिंग करा रहे थे उनकी नियुक्ति नहीं हुई है। अभ्यार्थियों की मांग है कि शासन यह स्पष्ट करे कि क्या उन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है।

बेरोजगारों से लगातार हो रही ठगी… एक अभ्यर्थी मुकेश तिवारी का कहना है कि बेरोजगारों के साथ लगातार ठगी हो रही है। पहले जो भर्तियां निकाली गई उसमें हजारों बेरोजगारों का पैसा खर्च हुआ।

पात्रता के नाम से युवक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करते रहे। हजारों अभ्यर्थियों ने आवेदन के लिए पैसा लगाया खर्च किया और अब जहां के तहां है। कई उम्र की सीमा पार हो रहे हैं।

प्रियंका साहू, रोहिणी जायसवाल का कहना है कि सरकार बेरोजगार से धन जुटाने के लिए इस तरह की भर्तियां निकालती है और बाद में उन्हें लंबित रखती हैं।

चयनित शिक्षकों ने 5 फरवरी को निकाली थी रैली…

जिला मुख्यालय पर बीते माह 5 फरवरी को चयनित शिक्षकों ने रैली निकालकर शासन से मांग की थी कि जल्द से जल्द उन्हें ज्वाइनिंग दी जाए।

शिक्षक भर्ती पक्रिया पूर्ण की जाए। पर नए ऐलान से अब पात्र अभ्यर्थी आशंका से घिर गए हैं। उन्हें लग रहा है कि एक बार फिर वह छले गए हैं। (फाइल फोटो)

युवक कांग्रेस ने कहा- शिक्षक पद के सफल अभ्यार्थी कर न दिए जाएं बाहर!

युवक कांग्रेस के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष रोहित पटेल ने कहा कि बजट निराशाजनक है। उन्हें आशंका तो यह है कि शिक्षा विभाग के तहत शिक्षकों के 24 हजार 200 पदों की भर्ती निकाले जाने पर कहीं ऐसा न हो कि नई भर्तियों से कहीं पुराने सफल अभ्यर्थियों को प्रक्रिया से बाहर न कर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार को युवाओं की चिंता होती तो वो पहले पुरानी भर्तियों में सफल उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रदान करती।



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