गोशाला निर्माण की आड़ में आदिवासियों की जमीन हड़पने का आरोप, सौंपा ज्ञापन


गोंड समाज महासभा जिलाध्यक्ष दिनेश इवने ने कहा कि मध्यप्रदेश भू-संहिता के अनुसार प्रत्येक राजस्व ग्रामों में पर्याप्त चराई (घास मैदान) की जमीन चिन्हित हैं। उन्होंने कहा कि जहां आदिवासी परिवार का कब्जा है, वहां से कब्जा हटाया जा रहा है। वहीं दबंग लोगों के कब्जे से सरकारी जमीन को मुक्त नहीं किया जा रहा है।


Kumar Manish
उनकी बात Updated On :

हरदा। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ, आदिवासी छात्र संगठन, राष्ट्रीय नागरिक अधिकार संगठन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को संयुक्त रूप से अपर कलेक्टर जेपी सैयाम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गोशाला निर्माण करने की आड़ में आदिवासियों की जमीन हड़पने का आरोप लगाया गया है। इस दौरान कुछ लोगों ने प्रशासन एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत भंवरास के अंतर्गत आने वाले ग्राम-बिल्लोद भुरटिया में गरीब जनजाति सदस्यों की भूमि पर व जिले के अन्य क्षेत्रों में जबरदस्ती मध्यप्रदेश भू-संहिता की अनदेखी कर गोशाला निर्माण किया जा रहा हैं। मध्यप्रदेश भू-संहिता के तहत जिले के समस्त राजस्व ग्रामों कृषि, गांव प्रबंधन के अनुसार निस्तार की जमीन पृथक रखी गई हैं। गांव का कोई भी कृषक सामूहिक रूप से अपने कृषि आधारित पशु गोशाला में नहीं रखते हैं, लेकिन शासन गोशाला के नाम पर जनजातियों की जमीन हड़पने की मंशा रख, सरकारी धन का दुरुपयोग करने का प्रयास कर रहा है।

ज्ञापन देने वाले गोंड समाज महासभा जिलाध्यक्ष दिनेश इवने ने कहा कि:

मध्यप्रदेश भू-संहिता के अनुसार प्रत्येक राजस्व ग्रामों में पर्याप्त चराई (घास मैदान) की जमीन चिन्हित हैं। उन्होंने कहा कि जहां आदिवासी परिवार का कब्जा है, वहां से कब्जा हटाया जा रहा है। वहीं दबंग लोगों के कब्जे से सरकारी जमीन को मुक्त नहीं किया जा रहा है।

ज्ञापन सौंपते वालों में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष देवीसिंह परते, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ जिला अध्यक्ष राहुल पवारे, आदिवासी छात्र संगठन जिलाध्यक्ष लोकेश कलमे, राहुल उइके, गौरीशंकर इवने, गोकुल उइके, अतुल धुर्वे सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।



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