अन्नदाता के लिए अन्न त्याग: यूथ फॉर फार्मर्स किसानों के समर्थन में करेंगे एकदिन का उपवास


किसान सिर्फ इतना चाहते हैं उन्हें उनकी फसल का सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मूल्य मिल जाये, क्या इतना हक भी नहीं हमारे किसानों को? वो चाहते हैं, ये किसान विरोधी तीनों कानून वापस हो जाएं।


देश गांव
उनकी बात Updated On :

यूथ फॉर फारमर्स ने केन्द्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली को घेर कर प्रदर्शन कर रह किसानों के समर्थन में ‘अन्नदाता के लिए अन्न त्याग’  करने की घोषणा की है। प्राप्त विज्ञप्ति के अनुसार यूथ फॉर फार्मर्स  7 दिसम्बर दिन सोमवार सुबह 7 से शाम 7 बजे तक  उपवास  करेंगे। युवाओं का यह समूह किसान सत्याग्रह नामक संस्था से सम्बद्ध है। 

हैश टैग यूथ फॉर फार्मर्स नाम से यह प्रचार किया जा रहा है। युवाओं के इस ग्रुप का कहना है कि,

किसान दिल्ली घेरकर बैठा है, आंदोलनकारी किसान अक्सर अपनी बाते रखते समय दिल्ली के लोगों को हो रही परेशनी के लिए माफी मांगते है, खुद अपने खेत, घर छोड़कर, तेज ठंड में सड़क पर संघर्ष कर रहे इन किसानों का दिल कितना बड़ा है, इन्हें अपनी चिंता नही है, बल्कि इस बात कि चिंता है कि इनकी वजह से आम भारतवासी को परेशानी ना हो। एम्बुलेंस के लिए रास्ता दे रहे, पर कुछ लोग इन्हीं किसानों के खिलाफ बातें कर रहे हैं, खैर इस देश का नागरिक सच जानता है कि अन्नदाता दुखी है, उसे हमारे साथ कि जरूरत है, और हम हमारे अन्नदाता के साथ हर कदम पर है।

अपनी बहुत जायज़ मांगो के साथ देश के किसान बीते 4 महीने से आन्दोलन कर रहे हैं, सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी, मजबूरन उन्हें दिल्ली घेरना पड़ा।

आखिर क्यों अन्यदाता, आंदोलन कर रहा है?

लॉकडाउन के समय हमारी केंद्र सरकार ने चोरदारवाज़े से 3 आध्यदेश लाये, जो अब कानून बन गए हैं। इन कानूनों में लिखा है अब व्यापारी जितना चाहे मॉल स्टॉक कर सकता है, इसका मतलब है कि वो बाजार और रेट पर भी नियंत्रण कर सकता है।
दूसरा APMC मंडियां खत्म करने का हिडन एजेंडा कानूनों में है।

किसान सिर्फ इतना चाहते हैं उन्हें उनकी फसल का सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मूल्य मिल जाये, क्या इतना हक भी नहीं हमारे किसानों को?
वो चाहते हैं, ये किसान विरोधी तीनों कानून वापस हो जाएं। अभी जरूरत इस बात की है कि हमारी थाली में रोटी पहुंचाने वालों का हम साथ दें।

आगामी सोमवार (7 दिसंबर, 2020) को आइये हम सब अपने अन्नदाता के समर्थन में 1 दिन उपवास रख अन्नत्याग करें, और ईश्वर से सरकार की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना करें।



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