भाजपा नेता बताएं, क्या देशद्रोहियों और आतंकवादियों के सामने झुक गये मोदी?


भाजपा नेताओं से लेकर, न्यूज़ मीडिया एंकरों तक सभी ने कहा था ख़ालिस्तानी


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उनकी बात Updated On :

नई दिल्ली। किसान आंदोलन फ़िलहाल ख़त्म नहीं हुआ है लेकिन इसके ख़त्म होने का रास्ता साफ़ हो चुका है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला ले लिया है। बताया जाता है कि यह फैसला उत्तर प्रदेश और पंजाब में भाजपा के बढ़ते विरोध को थामने के लिए लिया गया है। हालांकि खुद प्रधानमंत्री के इस ऐलान के बाद कई सवाल सोशल मीडिया पर भी तैर रहे हैं।

कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों द्वारा शुरु किए गए आंदोलन को पिछले एक साल के दौरान काफी बदनाम किया गया उन्हें कभी पैसे देकर बुलाए गए राजनीतिक कार्यकर्ता कहा गया तो कभी खालिस्तानी आतंकवादी तो कभी कई दूसरे नाम। ऐसे में क्या किसानों को खालिस्तानी-देशद्रोही कहने वाले लोग क्या उनसे माफ़ी मांगेंगे।

यह सब सरकार के मंत्रियों, भाजपा नेताओं और केंद्र सरकार का सर्मथन करने वाली मीडिया लगभग सभी ने कहा और इन आरोपों को दोहराया इन नेताओं और मीडिया को अपना आदर्श मानने वाले आम लोगों ने लेकिन अब  जब प्रधानमंत्री मोदी ने ही आंदोलन करने वालों को किसान कहकर पुकारा है तो उन पर आरोप लगाने वाले नेता और मीडिया द्वारा आंदोलनकारियों को ख़ालिस्तानी कहा जाना कितना सही था इस बात पर सवाल उठ रहे हैं। यही वजह है कि अब ट्विटर पर ख़ालिस्तानी शब्द एक बार फिर ट्रैंड हो रहा है।

न्यूज लॉन्ड्री के शो में देखिए किस तरह टीवी एंकरों ने किसान आंदोलन में शामिल किसानों को ख़ालिस्तानी कहा था।

 



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