कन्या भोज में शामिल होने से रोका तो नाबालिग ने खुद को आग लगाकर दे दी जान


किशोरी के परिजन ने बताया कि मंदिर में कन्या भोज से भगा देने के बाद चांदनी रोते हुए घर आई थी। उसे समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह गुमसुम सी हो गई थी। इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।



ग्वालियर Published On :
chhindwara suicide

शिवपुरी। खनियाधांना थाना क्षेत्र के ग्राम मुहारी खुर्द में बुधवार शाम को एक 17 वर्षीय किशोरी ने खुद को आग लगा ली। इस घटना में किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने किशोरी के शव को सुपुर्दगी में लेकर पंचनामा बनाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और फिर किशोरी का शव परिजनों को सौंप दिया।

जानकारी के अनुसार 17 वर्षीय चांदनी पुत्री ब्रजेश पांडे निवासी ग्राम मुहारी खुर्द ने बुधवार शाम को अपने घर की छत पर केरोसिन डालकर आग लगा ली जिससे किशोरी की मौत हो गई।

किशोरी के परिजन ने बताया कि मंदिर में कन्या भोज से भगा देने के बाद चांदनी रोते हुए घर आई थी। उसे समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह गुमसुम सी हो गई थी। इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।

मृतक किशोरी के पिता ब्रजेश पांडे ने बताया कि

बुधवार को जब बड़ी मुहारी जा रहे थे तब बेटी ने चाय बनाकर दी। जब मै बड़ी मुहारी के रास्ते में था तब मेरी बेटी ने मुझे फोन लगाकर घर आने की बात कही। जब शाम को मैं घर पहुंचा तब तक चांदनी खुद को आग के हवाले कर चुकी थी।

मृतक के पिता ने बताया कि लगभग 4 महीने पहले उनके छोटे बेटे के हाथ से एक बछिया की मौत हो गई। जिसको लेकर गांव के लोगों और पंचायत ने उनसे इलाहाबाद जाने और पूजा पाठ व भंडारा कराने की बात कही।

ग्रामीणों और पंचायत के कहने पर उन्होंने पूजा पाठ और भंडारा कराया, जिसमें गांव के सभी लोगों को आमिंत्रत किया गया था।

भंडारा कराने के बाद भी पंचायत ने उनसे 21 हजार रुपये देने की बात कही। उन्होंने उनकी बेटी से भी 21 हजार रुपये देने के बाद ही समाज में वापस शामिल किए जाने की बात कही।

उसकी दादी ने बताया कि 

वह तीन दिन पहले गांव के पास माता के मंदिर पर भंडारे में जब उनकी बेटी खाने के लिए गई तो गांव के कुछ लोगों ने उनकी बेटी को शापित कहकर भंडारे से भगा दिया था। शापित परिवार की बेटी कहे जाने से वह परेशान हो रही थी। शाम को जब घर के सभी सदस्य अपने अपने काम में लगे थे। तभी छत से बेटी के चीखने-चिल्लाने की आवाज आई। आवाज सुनकर जब छत पर पहुंचे तो बेटी आग में पूरी तरह झुलस चुकी थी। जैसे-तैसे आग बुझाकर हम बेटी का इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

 



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