पश्चिम बंगाल में BJP अध्यक्ष नड्डा के काफिले पर हमले के बाद MP में ममता बनर्जी का पुतला फूंका


पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच तक़रार लगातार बढ़ती जा रही है। भाजपा लगातार टीएमसी पर हिंसा का आरोप लगाती रही है। बंगाल में भाजपा ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए पिछले कुछ सालों में कड़ी मेहनत की है। इसका असर पिछले आम चुनावों में भी नजर आया था और अब उनकी नजर विधानसभा चुनावों पर है। कैलाश विजयवर्गीय भारतीय जनता पार्टी के इस बंगाल अभियान में सबसे अधिक सक्रिय रहे हैं। उन्हें इस बार भी यहां के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। 


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इन्दौर Updated On :
इंदौर के महू में कैलाश विजयवर्गीय के सार्मथकों ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी का पुतला जलाया


इंदौर। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर हुए हमले की निंदा हर ओर हो रही है। मध्यप्रदेश के नेताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग तक कर दी है। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के काफ़िले पर जमकर पथराव किया गया है।

इस हमले के बाद  महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के सर्मथकों ने इंदौर में खासा विरोध प्रदर्शन किया है। यहां पूरे शहर में और कुछ ग्रामीण इलाकों में  पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी का विरोध किया गया। कैलाश के सर्मथकों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पुतले जलाए और नारेबाजी की।

इंदौर शहर में विजयवर्गीय के करीबी मानें जाने वाले विधायक रमेश मेंदोला के नेतृत्व में 85 वार्ड़ों में ममता बनर्जी और टीएमसी के पुतले फूंके गए। यहां मैंदोला ने कहा कि बंगाल में अराजकता का माहौल है और यहां ममता बनर्जी को ही अब लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास नहीं है। उन्होंन कहा कि बंगाल में ममता ने फासीबाद को फैला दिया है।

विजयवर्गीय के आखिरी विधानसभा क्षेत्र महू में उनके ख़ासे सर्मथक हैं यहां गुरुवार शाम को सर्मथकों ने शहर के ड्रीमलैंड क्षेत्र में प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्व नगर अध्यक्ष करण सिंह, रणजीत स्वामी, संतोष पाटीदार, दिनेश चौहान आदि नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच तक़रार लगातार बढ़ती जा रही है। भाजपा लगातार टीएमसी पर हिंसा का आरोप लगाती रही है। इससे पहले बुधवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर गए भाजपा अध्यक्ष नड्डा को तृणमूल कांग्रेस समर्थकों की ओर से कथित रूप से काले झंडे दिखाए गए।

भाजपा की मौजूदगी यहां लगातार मजबूत होती रही है और उन्होंने यहां कई पार्टी कार्यालय खोले हैं। बुधवार को नड्डा जब पार्टी के चुनाव कार्यालय का उट्घाटन करने के लिए कोलकाता के हेस्टिंग्स क्षेत्र पहुंचे तो उन्हें काले झंडे दिखाए गए। इस दौरान करीब पचास से अधिक टीएमसी कार्यकर्ता मौजूद थे। यह देखकर भाजपा के कार्यकर्ता भी बाहर आ गए और नारेबाजी करने लगे।

बंगाल में भाजपा ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए पिछले कुछ सालों में कड़ी मेहनत की है। इसका असर पिछले आम चुनावों में भी नजर आया था और अब उनकी नजर विधानसभा चुनावों पर है। कैलाश विजयवर्गीय भारतीय जनता पार्टी के इस बंगाल अभियान में सबसे अधिक सक्रिय रहे हैं। उन्हें इस बार भी यहां के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।



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