MPFDC के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकर पटैरिया का अस्‍पताल में निधन, दस दिन पहले पी लिया था कीटनाशक


शिवशंकर पटैरिया ने जो सुसाइड नोट लिखा था उसमें उन्होंने लिखा था कि सरकार ने 307 का केस एकतरफा लगवाया और अब सरकार में बैठे लोग अदालत में भी सजा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।


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भोपाल Published On :
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सागर/भोपाल। आठ-नौ फरवरी की दरम्यानी रात मंडीबामोरा में कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश करने वाले मध्यप्रदेश वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकर पटैरिया का शुक्रवार को भोपाल के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया।

इससे पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट भी अपने परिजनों को मैसेज किया था। जानकारी के मुताबिक, पटैरिया का अंतिम संस्कार गृहनगर मंडी बामोरा में किया जाएगा।

उमा भारती के बेहद नजदीकी माने जाने वाले व मप्र वन विकास निगम के अध्यक्ष रहे शिवशंकर पटैरिया ने शुक्रवार सुबह भोपाल के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।

दस दिन पहले उन्होंने मंडीबामोरा स्थित बिहारी जी के मंदिर के पीछे कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की थी जिसकी सूचना उन्होंने अपने परिजनों, मित्रों को इंटरनेट मीडिया के जरिये सुसाइड नोट भेजकर दी थी।

पटैरिया का मैसेज देखकर परिजन ढूंढने निकले और उन्हें बीना अस्पताल भर्ती कराया था, जहां से उन्हें सागर रेफर किया गया। सागर के एक निजी अस्पताल में कुछ समय तक उनका उपचार चला, लेकिन उनकी बिगड़ती स्‍थिति देख परिजन उन्‍हें भोपाल के निजी अस्पताल ले आए, जहां उन्‍होंने शुक्रवार को अंतिम सांस ली।

उमा भारती के बेहद नजदीकी रहे शिवशंकर पटैरिया के खिलाफ लगभग एक साल पहले गांव के ही एक व्यक्ति को जान से मारने के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था और इस मामले में वह लंबे समय तक जेल में रहे।

बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद से पटैरिया आर्थिक और मानसिक रूप से टूट गए थे। इतना ही नहीं, शिवशंकर पटैरिया ने जो सुसाइड नोट लिखा था उसमें उन्होंने अपने सेवादार हनुमान प्रसाद पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था।

साथ ही साथ यह भी लिखा था कि सरकार ने 307 का केस एकतरफा लगवाया और अब सरकार में बैठे लोग अदालत में भी सजा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।



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