धार में भी 26 अप्रैल तक लॉकडाउन, जानिये क्या कुछ हो सकेगा और क्या नहीं…


कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने धारा 144 के तहत यह प्रतिबंधित आदेश जारी किए हैं। जिसका पालन न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने भी अपनी टीम को मैदान में कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए कहा है।


आशीष यादव आशीष यादव
धार Updated On :

धार। बेकाबू हो रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिले में कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। नगरीय क्षेत्रों में 14 अप्रैल की रात 8 बजे से 19 अप्रैल सुबह 6 बजे तक कोरोना कर्फ्यू लागू किया गया है। इस अवधि में घरों से बाहर निकलना प्रतिबंधित था जो अब बढ़ाकर 26 अप्रेल तक कर दिया गया है।

कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने धारा 144 के तहत यह प्रतिबंधित आदेश जारी किए हैं। जिसका पालन न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने भी अपनी टीम को मैदान में कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए कहा है। वहीं अब 26 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक कोरोना कर्फ्यू प्रभावी रहेगा।

जिले के कोविड प्रभारी के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री तथा जिले के कोविड प्रभारी मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव की अध्यक्षता में कोविड-19 महामारी के लगातार बढ़ते प्रकोप को देखते हुए शुक्रवार को कलेक्टोरेट स्थित बैठक कक्ष में जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में आयुक्त पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग एम.के. अग्रवाल, कलेक्टर आलोक कुमार सिंह, सहित सामाजिक कार्यकर्ता व अन्य सदस्यगण उपस्थित थे। बैठक के प्रारंभ में जिले के अंतर्गत वर्तमान परिस्थिति से सदस्यों को विस्तार से  जानकारी दी गई।

ये रहेंगे नियम…  धार जिले की राजस्व सीमा क्षेत्र में 26 अप्रैल की सुबह छह बजे तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक  जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र में 14 अप्रैल को रात आठ बजे से 26 अप्रैल की सुबह छह बजे तक “कोरोना कर्फ्यू लागू रहेगा। शादी समारोह में 50 लोग तथा शवयात्रा में 25 से अधिक शामिल नहीं होंगे। उठावना, मृत्युभोज कार्यक्रम में 25 से अधिक व्यक्ति सम्मिलित नहीं होंगे।

प्रायवेट अस्पतालों के निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त… अपर कलेक्टर डॉ सलोनी सिडाना ने कोविड-19 महामारी के मरीजों को देखते हुए कोविड-19 के मरीजों को भर्ती कर रहे प्रायवेट अस्पताल के निरीक्षण के लिए अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

नोडल संबंधित अधिकारी समय-समय पर अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर अपर कलेक्टर को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। नोडल अधिकारियों में जिला प्रबंधक पिछडावर्ग योगेन्द्र राज एवं जिला पेंशन अधिकारी भगवती काग को महाजन हॉस्पिटल धार, उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग जे. डी. वर्मा को पाटीदार हॉस्पिटल धार, उप संचालक उद्यानिकी विभाग के. के गिरवाल को ओम साईं राम हॉस्पिटल धार, एस.डी.ओ. कृषि विभाग आर. एन. शर्मा नालछा को संजीविनी हॉस्पिटल पीथमपुर, जी. एम.डी.आई.सी. पीथमपुर सुनिल त्रिपाठी को हेल्थकेयर हॉस्पिटल एण्ड डायगोनिस्टीक सेन्टर पीथमपुर, सी.डी.पी.ओ. सरदारपुर कमलसिंह निंगवाल को श्री गुरु राजेन्द्र मानव सेवा मंदिर चिकित्सालय ट्रस्ट राजगढ़ सरदारपुर, ब्लॉक एजुकेशन आफिसर सरदारपुर प्रमोद माथुर को श्री गुरु राजेन्द्र सुरी चिकित्सालय, ट्रस्ट एवं नेत्र अनुसंधान केन्द्र, मोहनखेड़ा तीर्थ सरदारपुर, एस.डी.ओ. पी.एच.ई. नालछा राकेश डावर को सांईराम हॉस्पिटल इण्डोरमा तथा ब्लॉक एजुकेशन आफिसर नालछा बी. एम. चौरासिया को पीथमपुर हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर पीथमपुर अस्पताल के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं

 

 

इन्हें मिलेगी छूट… 

बैठक में बताया गया कि इन गतिविधियां जिन्हें कोरोना कर्फ्यू में प्रतिबंध से छूट रहेगी। जिनमें अन्य राज्य एवं जिलों से माल तथा सेवाओं का आवागमन, अस्पताल, नर्सिंग होम, मेडिलक इन्शोरेंस कम्पनीज अन्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाए केमिस्ट दूकानें, किराना दूकानें और रेस्टोरेंट केवल होम डिलेवरी के लिये, पेट्रोल पंप, बैंक एवं एटीएम, दूध एवं सब्जी की दूकानें तथा ठेले औद्योगिक इकाईयां, औद्योगिक मजदूरों उद्योगों के लिये कच्चा तैयार माल उद्योगों के अधिकारियों / कर्मचारियों के आनेजाने, एम्बुलेंस, फायर बिग्रेड, टेली कम्युनिकेशन, विद्युत प्रदाय रसोई गैस, होम डिलेवरी सेवाएं, दूध एकत्रीकरण / वितरण के लिये परिवहन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दूकानें जैसी सुविधाओं को छूट मिलेगी।

इसके साथ ही केन्द्र सरदकार, राज्य सरकार एवं स्थानीय निकाय के अधिकारियों/कर्मचारियों का शासकीय कार्य से किया जा रहा आवागमन, इलेक्ट्रीशियन प्लम्बर, कारपेंटर आदि के द्वारा सेवा प्रदाय के लिये आवागमन कन्स्ट्रशन गतिविधियां (यदि मजदूर कन्स्ट्रशन केम्पस परिसर में रूके हो), कृषि संबंधी सेवाएं (जैसे कृषि उपज मंडी, उपार्जन केन्द्र खादय, बीज, कीटनाशक दवाएँ, कस्टम हायरिंग सेन्टर, कृषि यंत्र की दुकाने आदि), परीक्षा केंद्र में आने जाने वाले प्रशिक्षार्थी तथा परीक्षा केन्द्र एवं परीक्षा आयोजन से जुड़े कर्मी, अधिकारीगण। अस्पताल / नर्सिंग होम और टीकाकरण हेतु आवागमन कर रहे नागरिक / कर्मी । राज्य शासन द्वारा फसलों के उपार्जन कार्य से जुड़े कमी तथा उपार्जन स्थल आवागमन कर रहे किसान बन्धु, बस स्टेण्ड, रेल्वे स्टेशन, एयरपोर्ट से आने-जाने वाले नागरिक। आयटी कम्पनियों, बीपीओ / मोबाईल कंपनियों का सपोर्ट स्टाफ एवं यूनिट्स, अखबार वितरण एवं अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारगण, होटल (केवल इन रूम डायनिंग व्यवस्था के साथ) जनता कर्फ्यू के दौरान छूट दिए जाने के लिए निर्णय लिया गया।

(उक्त जानकारी धार जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई है)