जिसे जहां जगह मिल रही वहीं कर रहा अंत्येष्टि, महू में डेढ़ सौ नए कोरोना संक्रमित


मुक्तिधाम में अब तो परिसर के बाहर लोगों को जहां जगह मिल रही है वहीं अंतिम  संस्कार किए जा रहे हैं। क्योंकि परिसर में शेड के नीचे  सिर्फ सामान्य रूप से हुई मौत के शवाें का अंतिम संस्कार हो रहा है। 


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इन्दौर Updated On :

महू (इंदौर)। तहसील में मंगलवार को 150 नए संक्रमित मिले हैं। चौबीस घंटो के दौरान ग्यारह लोगों की मौत हुई है। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। तहसील में एक्टिव केस की संख्या 1434 हो गई है। इस बीच 45 संक्रमित स्वस्थ्य होकर वापस लौट चुके हैं।

संक्रमण किस तेजी से फैल रहा है और कितनों की जान ले रहा है इसका एक नज़ारा महू के श्मशान में देखा जा सकता है जहां हर दिन पहले के मुकाबले बड़ी हुई संख्या में अंतिम संस्कार हो रहा है।

मंगलवार को महू शहर के श्मशान में सबसे ज्यादा सत्रह शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें चौदह शव संक्रमित थे। जिनका अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल से किया गया। ऐसे में यहां स्थिति यह हो गई कि अंतिम संस्कार परिसर के बाहर तक हो रहा है।

संक्रमण की स्थिति तहसील में लगातार भयावह होती जा रही है। संक्रमितों की संख्या सवा तीन सौ पार कर गई तो वही  मृतकों की संख्या भी तेजी से बढ़ती जा रही है।

मुक्तिधाम में अब तो परिसर के बाहर लोगों को जहां जगह मिल रही है वहीं अंतिम  संस्कार किए जा रहे हैं। क्योंकि परिसर में शेड के नीचे  सिर्फ सामान्य रूप से हुई मौत के शवाें का अंतिम संस्कार हो रहा है।

मंगलवार को यह संख्या 17 तक पहुंच गई जिसमें 14 शव संक्रमित थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है संक्रमण किस तेजी से लोगों की जान ले रहा है।

समिति द्वारा परिसर में बनाए गए तीन शेड में एक समय में  नौ शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है लेकिन पिछले कुछ दिनों से शेड के बाहर खाली पड़ी जमीन पर अंतिम संस्कार होना शुरु कर दिए थे लेकिन तीसरे दिन अस्थि संचय व राख समेटने की विधि के कारण शेड पूरी तरह भर गए हैं जिससे अब अंतिम संस्कार बाहर परिसर में जिसे जहां जगह मिल रही है वहां कर रहा है।

शेड में हुए अंतिम संस्कार अस्थि संचय व राख समेटने  के कारण तीन दिन तक वहां दूसरा अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकता, लेकिन अगर इंदौर की तरह दूसरे दिन  यह विधि कर ली जाए तो काफी सहूलियत होगी।

इसके अलावा कच्चे शमशान में भी अंतिम संस्कार किए जा रहे है। इस संबंध में यहां के व्यवस्थापक मनीष शर्मा ने कहा कि संक्रमितों शवों के अंतिम संस्कार बाहर इसलिए कराए जा रहे हैं कि उनके साथ आने वाले परिजन पूरे परिसर में घूमते हैं।