कमलनाथ के इस्तीफ़े का एक साल, कांग्रेस मना रही लोकतंत्र सम्मान दिवस


कांग्रेस का मानना है कमलनाथ सरकार को नोटों के दम पर गिराकर लोकतंत्र की हत्या करने वाली भाजपा सरकार के खिलाफ और खरीद-फरोख्त की राजनीति को ठुकराते हुए कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।


देश गांव
इन्दौर Published On :

इंदौर। प्रदेश कांग्रेस आज लोकतंत्र सम्मान दिवस के तौर पर मना रही है। इस कवायद के पीछे पार्टी की कोशिश साल भर पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कमलनाथ सरकार को गिराने की घटना की निंदा करके सहानुभूति बटोरना है। भोपाल में कांग्रेस ऑफिस में दिग्विजय सिंह  तो  इंदौर में जीतू पटवारी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। कांग्रेसियों ने झंडा लेकर यह लोकतंत्र सम्मान दिवस मनाया।

कांग्रेस का मानना है कमलनाथ सरकार को नोटों के दम पर गिराकर लोकतंत्र की हत्या करने वाली भाजपा सरकार के खिलाफ और खरीद-फरोख्त की राजनीति को ठुकराते हुए कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने वाली तारीख को इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा लोकतंत्र सम्मान दिवस के रूप में मनाया।

इंदौर के गांधी भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय में शनिवार को कांग्रेसी कार्यकर्ता एकजुट हुए।  इस अवसर पर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कोरोना महामारी की ही तरह बीजेपी, नरेंद्र मोदी और आरएसएस की विचारधारा ने लोकतंत्र की हत्या की है। पटवारी ने कहा 8 राज्यों में लगातार चुनी हुई सरकारों को गिराना अगर लोकतंत्र बचाना है तो सबसे पहले इस विचार से लड़ना होगा क्योंकि जो वोट मिला उसकी हत्या कर दी गई।  उन्होंने कहा कि बीजेपी ने आज ही के दिन प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या की और संविधान का माखौल उड़ाया और संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की अवहेलना भी की।

इधर, ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर पूर्व मंत्री और विधायक जीतू पटवारी ने तंज कसा और कहा कि पहले भी कई बार बात चुके है उनके बारे में और कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया का अध्याय समाप्त हो चुका है। वो भारतीय जनता पार्टी के एक मेंबर है। वही संस्थागत बीजेपी लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है और कांग्रेस पार्टी उसका विरोध करते हुए लोकतंत्र की रक्षा करना चाहती है और करती रहेगी।