इंदौर में सोमवार से 19 अप्रैल तक कर्फ्यू , जानिये कौन सा काम हो सकेगा और क्या नहीं


इस आदेश के मुताबिक मास्क को ठीक ढंग से पहनकर बाहर निकलने के साथ ही निर्धारित आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीनेशन लगवाना ज़रुरी है…


देश गांव
इन्दौर Updated On :
Indore covid-19

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते 19 अप्रैल तक लॉक डाउन किया गया है इसी बीच रविवार को जिला कलेक्टर मनीष सिंह ने एक आदेश जारी कर इसे लेकर नियम भी साफ़ कर दिये। जिला प्रशासन के आदेश के मुताबिक  12 अप्रैल से लेकर 16 अप्रैल तक पांच दिन का लॉक कर्फ्यू रहेगा। इस दौरान धारा 144 के तहत कुछ प्रतिबंध रहेंगे। इनका उल्लंघन करने वालों पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

इस आदेश के मुताबिक मास्क को ठीक ढंग से पहनकर बाहर निकलने के साथ ही निर्धारित आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीनेशन लगवाना ज़रुरी है। इस आदेश के तहत इंदौर जिले सभी नगरीय निकाय, महू कन्टोनमेंट क्षेत्र, रंगवासा क्षेत्र में सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान और सभी शासकीय अशासकीय कार्यालय पूरी तरह बंद रहेंगे। इन इलाकों में कोरोना कर्फ्यू के चलते अत्यावश्यक कार्य होने पर ही मास्क ठीक ढंग से लगाकर बाहर निकला जा सकेगा।

इस आदेश के मुताबिक चिकित्सा संस्थान, प्रयोगशाला, अस्पताल-क्लिनिक, केमिस्ट के थोक व रिटेल विक्रेता, दवा निर्माता इकाइयां और इनसे जुड़े प्रतिष्ठान व ट्रांसपोर्ट गतिविधियों को कर्फ्यू से मुक्त रखा गया है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में पोलोग्राउंड, सांवेर रो,  ए-एफ सेक्टर, लक्ष्मीबाई औद्योगिक क्षेत्र, बरदरी, पालदा, राउ – रंगवासा औद्योगिक क्षेत्र, 71 नंबर स्कीम, भमोरी, शिवजी नगर, रामबली नगर, संगम नगर स्थित औद्योगिक इकाइयां और देवास नाका स्थित औद्योगिक इकाइयों से  संबंधित तथा फार्मा कंपनियों से ट्रांसपोर्ट गतिविधियों का संचालन कोरोना कर्फ्यू के प्रतिबंधों से मुक्त रहेगा।

इनऔद्योगिक इकाइयों के अतिरिक्त शहर में औद्योगिक गतिविधियों का संचालन नहीं किया जा सकेगा वही जिले के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक इकाइयों और उनसे संबंधित ट्रांसपोर्ट संचालन कर्फ्यू से मुक्त रहेंगे। वहीं नगर निगम सीमा क्षेत्र में स्थित औद्योगिक इकाइयों के कार्यालय बंद रहेंगे। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों से जुड़े सी एंड एफ एजेंट और वेयर हाउस से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।

 शहरी इलाकों के लिये यह नियम…

इस आदेश के मुताबिक शहरी इलाकों में कोरोना कर्फ्यू के दौरान किराना की थोक व खेरची दुकानें सुबह 6 बजे से 10 तक चार घंटे के लिए खुल सकेंगी और इस दौरान खेरची किराना/ग्रोसरी दुकानों से दुकान संचालक होम डिलेवरी कर सकेंगे।

वहीं दुकान संचालकों को समयावधि के दौरान कोविड नियमों का उल्लंघन किया गया तो ऐसी दुकानों को बंद करवाया जाएगा। वहीं किराना और ग्रोसरी की दुकानों में रात 10 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक ट्रांसपोर्ट के माध्यम से सामान की आवाजाही कर सकेंगे और इसके लिए ट्रांसपोर्ट व्यवसाय करने वालो को भी छूट रहेगी। हालांकि सुपर मार्केट में केवल ग्रोसरी और किराना सामान में ही अपना व्यवसाय संचालित कर सकेंगे।

वहीं सब्जी व फलों की खरीदी के लिए चोइथराम मंडी ही चालू रहेगी, जहां से चलित ठेलों के जरिये शहर में सुबह 10 बजे तक सब्जी का विक्रय शहर में हो सकेगा वही शहर में हाट बाजार, सड़क और फुटपाथ पर सब्जी व फलो का विक्रय नही किया जा सकेगा और यदि ऐसा हुआ तो निगम और प्रशासन इसकी मॉनिटरिंग कर उसे रोकेगा।

कोरोना कर्फ्यू की अवधि में दूध वितरण फेरी व दूध डेरी के माध्यम से सुबह 10 बजे तक किया जा सकेगा। वहीं हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए मेस और टिफिन सेंटर सुबह और शाम पहले की ही तरह चालू रह सकेंगे। इसके अलावा होम डिलेवरी सर्विसेज जैसे जौमेटो, अमेजन, बिग बास्केट घर पहुंच सेवा उपलब्ध करवा सकेंगे वहीं रेस्टोरेंट संचालक केवल रसोईघर खोलकर केवल होम डिलेवरी ही कर सकेंगे।

कर्फ्यू के दौरान बैंक, एटीएम और केंद्र सरकार के कार्यालय खुले रहेंगे वहीं राज्य सरकार के वे ही कार्यालय खुले रहेंगे जो बेहद ज़रूरी कोविड प्रबंधन में जुटे है। वहीं परीक्षा केंद्र, परीक्षा संचालन में लगे अधिकारी व कर्मचारी और स्टूडेंट्स कर्फ्यू से मुक्त रहेंगे।

इसके अलावा एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, टेलीकम्युनिकेशन, बिजली विभाग की सेवाएं, रसोई गैस सेवाएं जारी रहेगी। वहीं बीपीओ/काल सेंटर और मोबाइल कंपनियों के सपोर्ट स्टॉफ व यूनिट्स प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी। इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कंट्रोल की दुकानें गरीबों के राशन के लिए खुली रहेंगी ताकि लोगों को अनाज मिल सकें।

वहीं कोविड 19 से जुड़े टीकाकरण की टीम और हेल्थ केयर वर्कर प्रतिबन्ध से मुक्त रहेंगे। इसके अख़बार वितरण, मीडियाकर्मी, बस, रेल और ट्रेन से आने जाने यात्री भी आवाजाही कर सकेंगे।