अस्पताल में जनरेटर है लेकिन डीजल के लिए पैसे नहीं, मरीज हो रहे हैं परेशान

अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Published On :
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महू। तहसील के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल के रोगियों की हालत विद्युत कटौती में दयनीय हो रही है। यहां दो जनरेटर हैं लेकिन एक में डीजल डालने के लिए पैसे नहीं हैं तो दूसरा दो माह पूर्व जल गया जिसकी मरम्मत नहीं हो सकी है।

भीषण गर्मी में यहां भर्ती रोगियों को हवा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। एक जनरेटर डीजल के अभाव में शुरू नहीं हो रहा है तो एक जनरेटर दो माह पूर्व जल कर भंगार हो गया।

गर्मी से बचने के लिए कोई पंखा कर रहा है तो कोई फूंक मार कर गर्मी दूर कर रहा है। विद्युत विभाग द्वारा भीषण गर्मी में विद्युत कटौती की जा रही है जिससे अस्पताल भी अछूता नहीं है।

इस विद्युत कटौती के कारण सबसे बड़े शासकीय अस्पताल में भर्ती मरीजों खासकर प्रसूताओं की हालत दयनीय हो रही है।

शनिवार को सुबह सात से दोपहर एक बजे तक इस अस्पताल का विद्युत प्रदाय पूरी तरह बंद रहा है जिस कारण यहां की सारी व्यवस्था ठप्प रही। ओपीडी में करीब तीन सौ रसीदें हाथ से बनाना पड़ीं।

यहां सोनोग्राफी भी बंद रही। ऑपरेशन थियेटर भी बंद रखा गया। एक ऑपरेशन होना था जिसे कुछ घंटों के लिए टाल दिया गया। ऐसे में अगर कोई इमरजेंसी आ जाती तो भगवान ही मालिक था। एक्सरे के लिए भी रोगियों को घंटों प्रतीक्षा करना पड़ रहा है।

सबसे ज्यादा परेशानी यहां भर्ती मरीजों को हुई। प्रसूति विभाग के सारे पंखे बंद हो गए। महिला रोगियों और नवजात शिशुओं को उनके परिजन पंखे से हवा कर रहे हैं तो कोई फूंक मार कर ठंडक दे रहा है।

यहां तक की गर्मी से बचाने के लिए एक-एक दिन के शिशुओं को बाहर बरामदे में लेकर बैठ रहे हैं। अस्पताल में दो किलोवाट का एक बड़ा जनरेटर है जो शुरू ही नहीं हुआ।

बताया जाता है कि इसे चालू करने के लिए सौ लीटर डीजल होना आवश्यक है, लेकिन समस्या डीजल के लिए राशि की है जो कौन देगा या कहां से आएंगे इसकी किसी को जानकारी नहीं है।

अगर यह जनरेटर चालू कर दिया जाता है तो पूरे अस्पताल की विद्युत समस्या हल हो जाएगी। एक जनरेटर सवा माह पूर्व जल गया जो आज तक वैसा ही रखा है। ना उसे सुधरवाया गया और नहीं नया मिला। एक छोटा जनरेटर चालू हालत में है मगर पांच साल से उसे चालू करने की जरूरत नही समझी गई है।

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इस संबंध में अस्पताल प्रभारी डॉ. हंसराज वर्मा का कहना था कि

नए जनरेटर के लिए नई लाइन डालनी पड़ेगी तथा डीजल के लिए राशि कहां से आएगी इस संबंध में जिला कार्यालय से कोई जानकारी नहीं दी गई। विद्युत प्रदाय बंद होने के समय कोई इमरजेंसी नहीं आई। छोटे जनरेटर को जल्दी ही ठीक करवा कर चालू करवा देंगे।