नाले में तब्दील सरस्वती नदी को निगम ने किया पुनर्जीवित, सौंदर्यीकरण


अमितेश नगर में बहने वाली सरस्वती नदी के दो किलोमीटर के हिस्से को पुनर्जीवित कर पूरी तरह साफ कर दिया गया है। अब नदी के उक्त हिस्से में पूर्ण रूप से स्वच्छ जल का प्रवाह होता है, जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण नदी में विकसित होता जलीय जीवन है।


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इन्दौर Published On :
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इंदौर। शहर को सीवेज मुक्त बनाने के उद्देश्य से संभाग आयुक्त एवं नगर निगम प्रशासक डॉ. पवन कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में नगर निगम द्वारा नदी-नाला आउटफॉल टैपिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत शहर की नदियों को पुनर्जीवित कर गंदे नालों को साफ करने का एक विशेष प्रयास आरंभ किया गया है।

इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप शहर के अमितेश नगर में बहने वाली सरस्वती नदी के दो किलोमीटर के हिस्से को पुनर्जीवित कर पूरी तरह साफ कर दिया गया है। अब नदी के उक्त हिस्से में पूर्ण रूप से स्वच्छ जल का प्रवाह होता है, जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण नदी में विकसित होता जलीय जीवन है।

सरस्वती नदी 70 के दशक में तेजी से बढ़ती आबादी, औद्योगिकरण तथा नदी तट के पास हुए अनाधिकृत विकास के कारण प्रदूषित होने लगी थी। एक समय ऐसा भी आया, जब सरस्वती नदी जहां कभी स्वच्छ पानी बहता था, वह नाले के रूप में परिवर्तित होने लगी।

लेकिन, स्वच्छता के क्षेत्र में शहर का नाम देश भर में शीर्ष पर पहुंचाने में सफलता प्राप्त करने वाले नगर निगम ने अमितेश नगर में सरस्वती नदी को सीवेज मुक्त बनाने का अनूठा कार्य भी कर दिखाया है।

8 एमएलडी गंदे पानी का उपचार-  

झोन 13 के झोनल अधिकारी बृजमोहन भगोरिया ने बताया है कि अमितेश नगर में नदी को स्वच्छ बनाने वाली अद्वितीय मॉडल के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के माध्यम से शत-प्रतिशत सीवेज मुक्त बनाया जा रहा है।

उक्त प्लांट के जरिये 8 एमएलडी गंदे पानी का पुनर्नवीनीकरण कर नदी में छोड़ा जाता है। पर्यावरण और स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ इससे जल संरक्षण में भी मदद प्राप्त हो रही है। पुनर्नवीनीकरण किए पानी का उपयोग अन्य सूखे जल निकायों को भरने के लिए भी किया जा रहा है।

एसटीपी के जरिये भूजल प्रदूषण को भी रोका जा रहा है। उक्त क्षेत्र में नदी के सौंदर्यीकरण के लिये नियमित अंतराल में फव्वारे (फाउंटेन) लगाए गए हैं। साथ ही नदी तट के आस-पास पौधारोपण भी किया जा रहा है।

गुणवत्ता के लिए फ्लोटिंग द्वीप –

अमितेश नगर स्थित सरस्वती नदी में बहते पानी की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए नगर निगम ने प्राइवेट फर्म की मदद से नदी में कृत्रिम फ्लोटिंग द्वीप का निर्माण किया है।

इस फ्लोटिंग द्वीप की सहायता से पानी के जैविक ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) के स्तर में सुधार लाया जा रहा है। साथ ही पानी में फॉस्फोरस और नाइट्रोजन को पुन: चक्रित करके शैवाल की उपज को रोका जा रहा है।

इंदौर नगर निगम द्वारा संचालित नदी-नाला आउटफॉल टैपिंग अभियान के परिणाम स्वरूप गत दिनों सूखे नाले में जिला प्रशासन द्वारा क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था।

इसी कड़ी में नगरवासियों ने भी जनभागीदारी की एक नई मिसाल पेश करते हुए बीते दिनों मूसाखेड़ी के विराट नगर में सूखे नाले में शादी की सालगिरह मनाई थी। नगर निगम द्वारा किए जा रहे अथक प्रयास एवं जन जागरूकता से निर्मित सकारात्मक वातावरण इंदौर को स्वच्छता का पंच लगवाने की ओर अग्रसर है।