महू के विशेष बच्चों ने दीं कई शानदार प्रस्तुतियां, कोरोना से बचने के लिए मास्क पहने की दी सलाह


मंगलवार को विश्व दिव्यांग दिवस पर संस्था संवेदना द्वारा कोतवाली चौक पर विशेष कार्यक्रम संचालक निशा शर्मा के नेतृत्व में किया गया। यहां बच्चों ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए अनिवार्य रूप से मास्क पहनने, शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने की नागरिकों से अपील की साथ ही शहर  को स्वच्छ रखने में छावनी परिषद का सहयोग करने की अपील की।


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Updated On :

इंदौर। विश्व दिव्यांग दिवस के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में महू की सामाजिक संस्था संवेदना द्वारा एक ख़ास कार्यक्रम आयोजित किया गया।  यहां दिव्यांग बच्चों ने गीतों की प्रस्तुतियां दी तथा नागरिकों से कोरोना संक्रमण से बचने के लिए नियमों का पालन करने की अपील की। इस मौके पर महू शहर की छावनी परिषद ने भी इन बच्चों का सम्मान किया।

मंगलवार को कार्यक्रम महू के कोतवाली चौक पर आयोजित किया गया। इसका नेतृत्व संस्था संवेदना की संचालिका निशा शर्मा ने किया। यहां बच्चों ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए अनिवार्य रूप से मास्क पहनने, शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने की नागरिकों से अपील की साथ ही शहर  को स्वच्छ रखने में छावनी परिषद का सहयोग करने की अपील की।

इस कार्यक्रम में इन बच्चों ने हम होंगे कामयाब जैसे कई गीतों की प्रस्तुतियां दी।  कार्यक्रम में परिषद की सीईओ मनीषा जाट, उपाध्यक्ष अरूणा दत्त पांडे, जितेंद्र शर्मा, बंटी खंडेलवाल, मुजीब कुरैशी,  कैलाश दत्त पांडे, स्वस्थ्य अधीक्षक मनीष अग्रवाल, अनिल भाटी, देवेंद्र मेव आदि मौजूद रहे।

इस  मौके पर अतिथियों ने सभी दिव्यांग बच्चों को उपहार देकर सम्मानित भी किया। इसके बाद परिषद के स्वास्थ्य विभाग द्वारा  स्वच्छता पखवाड़े के तहत एक रैली निकाल कर नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों से निकलने
वाले गीले और सूखे कचरे को अलग अलग डस्टबीन में एकत्र कर वाहन में डालें। इसके लिए परिषद द्वारा प्रत्येक घर , संस्थान, होटल, रेस्टोरेंट को डस्ट बिन पूर्व में ही दिए जा चुके हैं।

नियम बनाया पर अमल नहीं किया
छावनी परिषद ने दो वर्ष पूर्व बोर्ड बैठक् में निर्णय लिया गया था कि अमानक पाॅलीथीन का उपयोग करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैकने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी। परिषद द्वारा शहर भर में तीस हजार से ज्यादा डस्टबिन वितरित किए जा चुके हैं लेकिन दस प्रतिशत नागरिक भी इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं।

प्रतिबंधित होने के बावजूद  शहर में पॉलीथीन की थैलियों का जमकर उपयोग हो रहा है। शहर के अनेक चौराहों, पर रहवासी कचरा फेंक रहे हैं  लेकिन चालानी नियम पर अमल आज तक नहीं हुआ है।