सात दिन की पुलिस रिमांड पर 50 करोड़ के घोटाले का आरोपी मोहन अग्रवाल


मोहन अग्रवाल के आत्मसर्मपण के बाद से ही थाने और चौकी पर दोनों दलों के नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। इस बीच पुलिस ने भी अग्रवाल के साथ बेहद दोस्ताना व्यवहार किया। अग्रवाल के आत्मसर्मपण से पहले ही ये नेता तहसील कार्यालय में भी सक्रीय नजर आ रहे थे। 


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Updated On :
राशन घोटाले के आरोपी मोहन अग्रवाल को कोर्ट में पेश किया गया


इंदौर। महू के पचास करोड़ रूपये से अधिक के खाद्यान्न घोटालें में फरार दो आरोपियों ने पुलिस के सामने आत्मसर्मपण कर दिया है। बुधवार को मामले में  मुख्य आरोपी बनाए गए मोहन अग्रवाल ने और फिर बुधवार रात को आयुष अग्रवाल ने आत्म सर्मपण किया है।

गुरुवार को बड़गौंदा थाना पुलिस ने मोहन अग्रवाल को गुरूवार को महू कोर्ट में पेश किया। जहां से  कोर्ट ने पुलिस को अग्रवाल की सात दिन की रिमांड दी है। पुलिस को अग्रवाल से पूछताछ में  कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

कोर्ट जाने से पहले मोहनलाल अग्रवाल को डाेंगरगांव चौकी ले जाया गया। जहां पूरी फाईल तैयार कर उसे महू लाया गया। न्यायालय  से सात दिन का रिमांड मिलने के बाद अग्रवाल को किशनगंज थाने ले जाया गया गया है।

इस दौरान अग्रवाल हताश भी नजर आया। वह सार्वजनिक रुप से कहते नजर आया कि वह इतना परेशान हो चुका है कि अब आत्महत्या कर लेगा।

महू एसडीएम अभिलाष मिश्रा ने  दो माह पूर्व तहसील में करीब पचास करोड़ रूपये के राशन घोटाले का पर्दाफाश किया था।

इसके बाद आरोपी अपने दोनों पुत्र व अन्य सहयोगियों के साथ फरार हो गया था। जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामार कार्रवाई की जा रही थी लेकिन यह बेअसर रही और अग्रवाल ने अपने आप ही आत्मसर्मपण कर दिया।

अब जब अचानक मुख्य आरोपी मोहनलाल अग्रवाल ने खुद आकर सरेंडर कर दिया तो प्रशासन की  सक्रीयता व खूफिया तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इससे पहले करोड़ों रुपयों के ऑनलाइन सट्टा कारोबार को पकड़ने में भी पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे थे।

खबरों की मानें तो मामले में दूसरे आरोपी आयुष अग्रवाल ने भी  बुधवार रात को ही पुलिस के सामने आत्मसर्मपण कर दिया था। हालांकि पुलिस के मुताबिक उन्होंने गुरुवार को आयुष को गिरफ्तार किया है।

इस मामले को उजागर करने वाले अधिकारी एसडीएम अभिलाष मिश्रा गुरूवार की सुबह से ही
एएसपी कार्यालय में मौजूद रहे। वे एएसपी अमित तोलानी के साथ बंद कमरे में प्रकरण के बारे में चर्चा कर रहे थे।

बीते कई दिनों  से पुलिस और प्रशासन भले ही मोहन अग्रवाल को इस गंभीर अपराध का दोषी मानकर लगातार खोजबीन कर रहा हो लेकिन  जब वह सामने आ गया तो पुलिस का रवैया उसके साथ बेहद दोस्ताना रहा।

एएसपी कार्यालय में भी अग्रवाल को कांफ्रेस हॉल में आराम से बैठाया गया। इसके बाद जब डोंगरगांव चौकी ले जाया गया तो वहां भी पूरी छूट दी गई। वह पूरे समय आराम से चौकी परिसर में घूमता रहा व अन्य लोगों से बात करता नजर आया।

पुलिस चौकी में अग्रवाल के  लिए नाश्ता भी मंगवाया गया एवं दूसरे कपड़े बुलवाए। इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा व कांग्रेस के नेताओं की काफी भूमिका रही।

नगर भाजपा के नेता बुधवार की सुबह से गुरूवार की रात तक चौकी में डेरा जमाए रहे। इससे पहले नेता तहसील कार्यालय में सक्रीय थे।