जबलपुर: माँ के सपनों को पूरा करने के लिए ग्वारीघाट पर चला रहे स्कूल


पराग के अनुसार वे 2016 में उन्होंने अपनी माँ की मौत के बाद  इस स्कूल को शुरू किया था, क्योंकि उनकी माँ चाहती थीं कि वे गरीब बच्चों को पढ़ायें।  


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अभी जब कोरोना के चलते  प्रदेश सहित देश भर में स्कूल बंद हैं ठीक उस वक्त पता चला कि जबलपुर में  नर्मदा के ग्वारीघाट किनारे  एक व्यक्ति गरीब-वंचित बच्चों को मुफ्त में पढ़ाते हैं। जबलपुर के पराग दीवान नामक एक शख्स नर्मदा किनारे गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देते हैं।

इस वक्त करीब 120 बच्चे पढ़ रहे हैं उनके स्कूल में। बच्चों को निरंतर गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई करवा रहे हैं जहां एक बड़ा सा बोर्ड लगाकर एक साथ बच्चों को बिठाकर पढ़ाया जाता है। छोटे-छोटे बच्चे बड़े-बड़े प्रश्नों के जवाब जिस आसानी से देते हैं उससे उनकी पढ़ाई का स्तर पता चलता है। वहीं उनके द्वारा पढ़ाए बच्चों ने गणित ही नहीं विज्ञान विषय में भी महारत हासिल कर ली।

पराग के अनुसार वे 2016 में उन्होंने अपनी माँ की मौत के बाद  इस स्कूल को शुरू किया था, क्योंकि उनकी माँ चाहती थीं कि वे गरीब बच्चों को पढ़ायें।

पराग दीवान ने बताया कि उनकी मां का सपना था कि वो गरीब और असहाय बच्चों के लिए एक स्कूल खोलें। आज लगभग 120 बच्चे इन कक्षाओं में पढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि मैं चाहता हूं कि मेरी कक्षा का कम से कम एक छात्र भारतीय प्रशासनिक अधिकारी या भारतीय पुलिस अधिकारी बने।

 



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