MP पुलिस भर्तीः सरकार के एक फैसले पर टिका है तीन लाख उम्मीदवारों का भविष्य


पीईबी द्वारा जारी विज्ञापन में परीभा में शामिल होने के लिए अधिकतम उम्र सीमा 33 साल निर्धारित की गई है। ऐसे में अगर इसे बढ़ाकर 37 साल नहीं किया जाता तो प्रदेश के करीब तीन लाख उम्मीदवार इस पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे।


देश गांव
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भोपाल। मध्यप्रदेश में होनेवाले उपचुनावों के बीच में शिवराज सरकार ने पुलिस कांस्टेबल के 4000 पदों पर भर्तियां निकाली हैं। इसके लिए प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड यानी पीईबी द्वारा भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

इस बीच इससे जुड़ी एक खबर यह आ रही है कि चूंकि प्रदेश में चार साल बाद पुलिस भर्ती परीक्षा हो रही है इसलिए इस बार इसमें शामिल होने के लिए चार साल से इंतजार कर रहे युवाओं को झटका लग सकता है।

पीईबी द्वारा जारी विज्ञापन में परीभा में शामिल होने के लिए अधिकतम उम्र सीमा 33 साल निर्धारित की गई है। ऐसे में अगर इसे बढ़ाकर 37 साल नहीं किया जाता तो प्रदेश के करीब तीन लाख उम्मीदवार इस पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे।

उम्मीदवारों ने सरकार से उम्र सीमा बढ़ाने की मांग की है। वे एक साल से कोशिश कर रहे हैं कि सरकार उम्र सीमा बढ़ाकर 37 साल कर दे, लेकिन सरकारी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल उम्र सीमा बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

इस मामले में बेरोजगार छात्र संगठन के संयोजक सत्येंद्र कुरारिया का कहना है

चार साल में करीब तीन लाख युवा 33 साल की उम्र सीमा पार चुके हैं। सरकार की गलती (चार साल बाद भर्ती परीक्षा करवाना) का खामियाजा युवाओं को उठाना पड़ेगा। इस मामले में सरकार का पक्ष जानने के लिए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

सरकार पीईबी के जरिये पुलिस आरक्षक के चार हजार पदों पर भर्ती करने जा रही है। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया 24 दिसंबर से शुरू होगी। आवेदन करने की अंतिम तारीख सात जनवरी है।