कैबिनेट की बैठक में सड़कों पर और टैक्स लगाने की तैयारी में शिवराज सरकार


कैबिनेट बैठक में धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक के अलावा निकायों में अध्यक्ष और महापौर के चुनावों को प्रत्यक्ष रुप देने की तैयारी भी की जा रही है। कांग्रेस सरकार ने इनके चुनावों को पार्षदों के हाथों में दे दिया था। इसके अलावा टोल टैक्स लगाने, मेट्रो रेल के लिए इंदौर में जमीन अधिग्रहण और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की पोस्टिंग के मुद्दे भी इस बैठक में रखे जाएंगे।


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भोपाल। भारत बंद के दिन ही मंगलवार सुबह ग्यारह बजे मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की कैबिनेट बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में कुछ बड़े फैसले लिए जाने हैं इस बैठक में उन कुछ फैसलों को बदला भी जा सकता है जो कांग्रेस सरकार ने लिये थे और तब भारतीय जनता पार्टी इनका विरोध किया था।

कैबिनेट की बैठक में कुल 21 प्रस्तावों पर चर्चा होनी है। कई प्रमुख एजेंडा राज्य सरकार की आमदनी बढ़ाने का भी है वहीं धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक पर भी यहां चर्चा संभव है।

कैबिनेट में जिन्हें मुद्दों पर चर्चा होने वाली है उनमें सबसे अहम टोल वसूली का मुद्दा है। राज्य सरकार सड़कों की मरम्मत के लिए टोल टैक्स वसूलने का प्रस्ताव लेकर आ रही है। इसके तहत सरकार की मंशा राज्य में तेरह स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूली की है। इससे सरकार को अपनी आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।

इसके अलावा मेट्रो रेल के लिए जमीन अधिग्रहण के नए प्रावधान का प्रस्ताव भी इस बैठक में रखा जाएगा। इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की जानी है।

बैठक में एक बेहद अहम मुद्दा नगर पालिका और नगर निगम के चुनावों से संबंधित भी है। यहां नगरपालिका विधि संशोधन विधेयक 2020 का प्रस्ताव रखा जाएगा। के तहत प्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर और अध्यक्ष पद का चुनाव का नियम बनाया जाएगा।

यह वही नियम है जिसे कांग्रेस सरकार ने बदल दिया था और महापौर या अध्यक्ष पद के चुनाव को जनता के हाथों से पार्षदों के हाथों में दे दिया गया था। उस समय में भारतीय जनता पार्टी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई थी।