राजगढ़ः हादसे के बाद राहत कार्य में सभी ने की मदद, एसपी ने माना आभार किया सम्मान


रविवार को हुए हादसे में तीन लोग घायल हैं और एक की मौत हो चुकी है। हादसे की वजह एक मोटरसाईकिल सवार की लापरवाही बताई जा रही थी। जिसके चलते तेज गति से आता हुए एक कंटेनर पचास फुट गहरे नाले में जा गिरा। कंटेनर में चूना लदा हुआ था।


रवि श्रीवास्तव रवि श्रीवास्तव
राजगढ़ Updated On :
हादसे के घंटों बाद तक जारी रहा रेस्क्यू


राजगढ़। जयपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर रविवार दोपहर हुए सड़क हादसे में सोमवार को एक नया मोड़ आया है। जानकारी के अनुसार कंटेनर का चालक सही सलामत है, वह हादसे के बाद अपनी जान बचाकर पुलिस के पास पहुंच गया था। इधर बचाव व राहत कार्य के दौरान सोमवार सुबह चूना मिले पानी व मलबे से परिचालक शिवराजसिंह (18) पिता सुगनलाल बेरवा निवासी भगवानपुरा तहसील व जिला अजमेर (राजस्थान) का शव पुलिस ने बरामद किया।

पुलिस के अनुसार कंटेनर चालक देवराज (32) पिता सोजी बेरवा निवासी भगवानपुरा रविवार देर शाम ही पुलिस के सामने सही सलामत पहुंच गया था। चालक देवराज ने बताया कि टूटे हुए फ्रंट मिरर से वह बाहर निकल गया था। उसने परिचालक की ओर भी देखा, लेकिन वह कंटेनर में नहीं था। ऐसा माना जा रहा है कि फ्रंट मिरर टूटने के कारण परिचालक पहले ही पानी में गिर चुका था। कुछ ही पल में उसके ऊपर कंटेनर व चूना गिरने से वह मलबे में दब गया। चालक व परिचालक दोनों ही चचेरे भाई हैं। परिचालक शिवराजसिंह के शव का पीएम करा परिजनों को सौंप दिया गया।

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रविवार व सोमवार को चले पूरे रेसक्यू ऑपरेशन में पुलिस की टीम व स्थानीय समाजसेवियों ने मदद की थी। लिहाजा एसपी प्रदीप शर्मा ने एक सादे समारोह के दौरान सोमवार शाम एसपी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान करीब 25 से अधिक पुलिसकर्मियों व समाजसेवियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए, वहीं एक निजी कंपनी थिंक गैस लिमीटेड के तकनीकी स्टॉफ व ग्रुप लीडर का भी सम्मान किया गया। बता दें कि रविवार को एक बाइक सवार को बचाने के चक्कर में चूने से लदा एक कंटेनर एक गुमठी को धकेलता हुआ मुख्य मार्ग पर 50 फीट गहरे नाले में गिर गया था, जिसमें तीन लोग घायल हो गए थे व कुछ अन्य के मलबे में दबे होने का अंदेशा भी जताया जा रहा था।

थिंक गैस प्रबंधन ने मुहैया कराई मशीनरी व तकनीकी मदद– 

रेसक्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस के पास क्रेनों का संचालन करने वाले तकनीकी व अनुभवी स्टॉफ की कमी थी लेकिन इस कमी को थिंक गैस के अमले ने पूरा किया। कंपनी प्रबंधन के अनुसार हादसे की सूचना के बाद उन्होंने नजदीकी फील्ड में अपना काम रोककर तीन क्रेन, एक जेसीबी व 10 तकनीकी कर्मचारियों को मौके पर बुलाकर बचाव कार्य में नियोजित किया। तकनीकी मार्गदर्शन के लिए कंपनी ने एक ग्रुप लीडर को भी नियोजित किया। हालांकि इस कार्य में पांच अन्य क्रेनों की मदद भी लेना पड़ी।
बता दें कि कंपनी ने मशीनरी, स्टॉफ व अन्य प्रकार की सेवाएं पूरी तरह से निशुल्क प्रदान की। उल्लेखनीय है कि थिंक गैस लिमीटेड द्वारा क्षेत्र में गैस पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। ऐसे में कंपनी के पास पर्याप्त कर्मचारी व मशीनरी उपलब्ध थी। कार्यक्रम के दौरान एसपी शर्मा ने समाजसेवियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद मदद के लिए समाजसेवियों ने स्वप्रेरणा से हाथ बढ़ाए थे, जो काबिले तारीफ है। पुलिसकर्मियों की भी प्रशंसा की, जिन्होंने हादसे के दौरान बचाव कार्य में तत्परता से हिस्सेदारी की।

थिंक गैस कंपनी के मैदानी कर्मचारी का सम्मान करते एसपी प्रदीप शर्मा

पूरे रेसक्यू ऑपरेशन में 3 क्रेन व एक जेसीबी सहित तकनीकी स्टॉफ की सेवाएं देने पर थिंक गैस के मैदानी अमले को भी प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें कंपनी के मैनेजर शरद भार्गव, क्रेन ऑपरेटर छबिलाल, सुजीत चक्रवर्ती, इमरान अंसारी, मुकेश मीना, शैलेष कुमार आदि शामिल हैं।

 

 



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