कंप्यूटर बाबा का 80 करोड़ का आश्रम ध्वस्त, अब जेल में करेंगे हठयोग


दिग्विजय सिंह का बयान भी सामने आया है उन्होंने कंप्यूटर बाबा की ऊपर की गई इस कार्रवाई को बदले की भावना बताया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि बिना नोटिस दिए यह आश्रम बाबा मंदिर तोड़ा गया है जो कि राजनीतिक प्रतिशोध की चरम सीमा है।


देश गांव
इन्दौर Updated On :

इंदौर। एग्जिट पोल में चुनावी परिणामों के रुझान सामने आने के साथ ही कांग्रेस से जुड़े लोगों पर कार्रवाईयां भी शुरू हो गई हैं। इनमें सबसे पहला नंबर कांग्रेस के संत कंप्यूटर बाबा का लगा है। उन पर लंबे समय से सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के आरोप लगते रहे हैं और इस बार प्रशासन ने उन पर कार्रवाई भी कर दी है।

इंदौर प्रशासन ने नामदेव दास त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा के द्वारा 40 एकड़ जमीन पर किए गए अतिक्रमण को तोड़ दिया इस जमीन की कीमत करीब अस्सी करोड़ रुपए बताई जा रही है। रविवार सुबह की गई इस कार्रवाई की जिम्मेदारी कलेक्टर मनीष सिंह ने एडीएम अजय देव शर्मा को दी थी। उन्होंने स्थानीय एसडीएम शाश्वत शर्मा के साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।

मामले में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का बयान भी सामने आया है उन्होंने कंप्यूटर बाबा की ऊपर की गई इस कार्रवाई को बदले की भावना बताया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि बिना नोटिस दिए यह आश्रम बाबा मंदिर तोड़ा गया है जो कि राजनीतिक प्रतिशोध की चरम सीमा है। हालांकि बताया जाता है कि प्रशासन पहले कंप्यूटर बाबा को नोटिस दे चुका है।

हातोद तहसील क्षेत्र में आने वाला जमूडी हपसी गांव में कंप्यूटर बाबा ने बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा कर रखा था। रविवार सुबह से ही हातोद के एसडीएम शाश्वत शर्मा दल के साथ पहुंचे और कार्रवाई शुरू कर दी कई जेसीबी मशीनों से कंप्यूटर बाबा द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया है। इस दौरान भवन और मंदिर भी तोड़े जाने की सूचना है।

प्रशासन अभियान एक बड़ी गौशाला बनाने की योजना बना रहा है। जानकारी के मुताबिक कार्रवाई के दौरान कंप्यूटर बाबा लगातार हस्तक्षेप कर रहे थे जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें हिरासत में ले लिया और बाद में जेल भेज दिया।

कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कंप्यूटर बाबा के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही थी कि उनके द्वारा एयरपोर्ट क्षेत्र में कई विवादित जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है इसके अलावा सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में वन क्षेत्र में भी उनके द्वारा अवैध कब्जे किए जाने की शिकायतें  भी मिली थी।

कंप्यूटर बाबा पर प्रशासनिक कार्रवाईयां और भी गंभीर हो सकती हैं क्योंकि  प्रशासन को उनके कई बैंक अकाउंट होने और उनमें असामान्य रूप से बड़े लेन-देन होने की खबर भी मिली है। इस मामले में जांच की जा रही है और अगर गंभीरता मिली तो बाद में इसे आयकर विभाग से भी साझा किया जाएगा। प्रशासन ने कंप्यूटर बाबा द्वारा कब्जा गई तमाम जमीनों की जानकारियां निकाल कर जांच शुरू कर दी है।