धार जिले में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाईः नौ माह में 1886 आरोपी जा चुके हैं जेल


आबकारी आयुक्त यशवंत धनोरे व एसपी आदित्य प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में अवैध शराब पर लगातार की जा रही है कार्रवाई। सहमे अवैध शराब की हेराफेरी करने वाले अपराधी।


आशीष यादव आशीष यादव
धार Published On :
dhar excise action

धार। अन्य जिले क़े ठेकेदारों द्वारा अपनी शराब ख़पाने के लिए एक जिले से दूसरे जिले में अवैध शराब का परिवहन किया जाता है। उसको लेकर आये दिन धार आबकारी विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

आदिवासी बहुल धार जिले में शराब के अवैध निर्माण और परिवहन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। दरअसल हर कोई आसानी से पैसा कमाना यानी आसान तरीके से पैसा चाहता है। इसी के कारण जिले में तेजी से अवैध शराब संबंधी कारोबार बढ़ रहा है।

इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में अवैध शराब संबंधी औसत रूप से 264 प्रकरण प्रति माह दर्ज होते हैं। जिले के भीतरी क्षेत्रों में शराब बनाने को लेकर बहुत ही बड़े स्तर पर काम होता है।

आदिवासी अंचल में महुआ की शराब बनाने को लेकर व्यापक स्तर पर काम होता है। नदी और नालों के आसपास छोटे-छोटे अड्डे बनाकर शराब बनाई जाती है। विभाग ने इनपर भी कार्रवाई करके अवैध भट्टियों को बंद किया है।

गनीमत है कि जिले आबकारी विभाग की सतर्कता से पिछले एक दशक में कोई भी मौत जहरीली शराब के कारण नहीं हुई। जिले में शराब पीने से प्रतिवर्ष कई लोग अपनी जिंदगी खो बैठते हैं।

एक अनुमान के तहत जिले में हर साल वैध व अवैध शराब पीने से सैकड़ों लोग अपने लीवर, फेफड़े आदि खराब हो जाने के कारण काल के गाल में समा जाते हैं। यह शराब पीने का ही दुष्परिणाम है।

नौ माह में करीब दो हजार जा चुके हैं जेल –

धार जिले में अवैध मदिरा निर्माण का बड़े स्तर पर कारोबार होता है। 1 अप्रैल 2021 से 21 दिसंबर 2021 तक 3273 प्रकरण बनाए गए जिनमें 1886 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

3582 बल्क लीटर देसी शराब, 22140 बल्क लीटर हाथ भट्टी शराब एवं 315 बल्क लीटर ताड़ी जब्त की गई। वहीं अवैध रूप से शराब बनाने के मामले में 3 लाख 42 हजार बल्क लीटर महुआ लहान जब्त किया गया।

अवैध रूप से बनाई-ले जाई जा रही 23 करोड़ 36 लाख 9560 रुपये मूल्य की शराब जब्त की गई। वहीं 15 वाहन जब्त किए गए जिनका बाजार मूल्य 60 लाख 56 हजार रुपये आंका गया है।

बता दें कि आदिवासी बहुल जिला होने के कारण जिले भर में अवैध रूप से शराब बनाई जाती है। खासकर हाथ भट्टी की शराब जंगल में बड़े स्तर पर बनाई जाती है। महुआ से सबसे ज्यादा शराब बनाने की प्रक्रिया धार जिले में होती है। इसका कारोबार करोड़ों में होता है।

जिले के 13 विकासखंड में से सभी विकासखंडों में शराब बनाने व अवैध परिवहन का कार्य होता है। सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश के अन्य जिलों से शराब गुजरात में परिवहन करने के लिए धार, बड़वानी, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर जिले का उपयोग किया जाता है।

इसमें इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग और लेबड़-मानपुर फोरलेन आदि का ज्यादा प्रयोग होता है। वहीं जिले में पिछले दो साल में कोई भी मौत अवैध शराब के कारण नहीं हुई है।

गुजरात पासिंग करवाने के लिए केंद्र बनता है धार –

विदेशी शराब की स्थिति देखें तो जिले में स्प्रिट वाली विदेशी शराब को लेकर 21 दिसंबर तक 1175 छापेमारी की कार्रवाई और उसमें 3944 बल्क लीटर शराब जब्त की गई। वही बियर का अवैध कारोबार सबसे मुख्य कारोबार है। इस कारोबार का तार सीधे गुजरात से जुड़ा हुआ है।

वही लेबड़ व बदनावर फैक्ट्री से कई अवैध गाड़ियां गुजरात के लिए जाती हैं, जो कि अपने स्तर पर शराब बेचने के लिए क्षेत्र का इस्तेमाल करते हैं। विदेशी शराब की तहत मदिरा के कार्रवाई के मामले देखे तो अब तक 3273 बल्क लीटर का अवैध शराब जब्त की गई। जो अपने आप में एक बहुत बड़ी मात्रा है।

पुलिस थानों ने भी की अवैध शराब की कार्रवाई –

पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों के तालमेल से आसानी से कार्रवाई देखने को मिल रही है। हाइवे पर संचालित ढाबों पर लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार बंद है।

जिलेभर में बड़े स्तर पर अवैध शराब की बिक्री पर विभाग ने शिकंजा कसा हुआ है। पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी मिलकर अवैध शराब पकड़ने का अभियान चलाकर आए दिन कार्रवाई करते हैं।

लगातार कार्रवाई की गई –

आबकारी व पुलिस विभाग द्वारा जिलेभर में अवैध शराब को लेकर कार्रवाई की गई है। वहीं कलेक्टर धार के मार्गदर्शन में जिले में बड़े स्तर पर अवैध परिवहन और अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई है। आबकारी टीम बड़े स्तर पर कार्रवाई करती रहती है।

– यशवंत धनोरे, आबकारी आयुक्त, धार



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