इंदौर में कोरोनाः फिलहाल नाइट कर्फ्यू नहीं, लेकिन मास्क नहीं लगाने पर 200 रुपये जुर्माना


इंदौर में फिलहाल नाइट कर्फ्यू नहीं लगाया जाएगा, लेकिन मास्क पहनना अनिवार्य किया जाएगा। मास्क न लगाने वालों को 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और इसका सख्ती से पालन करवाया जाएगा।


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इन्दौर Published On :
indore crisis management meeting

इंदौर। इंदौर शहर में फिलहाल नाइट कर्फ्यू नहीं लगाया जाएगा, लेकिन मास्क पहनना अनिवार्य किया जाएगा। मास्क न लगाने वालों को 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और इसका सख्ती से पालन करवाया जाएगा।

शाम पांच बजे के लगभग क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक शहर के रेसीडेंसी कोठी में हुई, जिसमें जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए चर्चा की गई।

इस बैठक में तय किया गया कि फिलहाल शहर में नाइट कर्फ्यू नहीं लगाया जाएगा, लेकिन कुछ अन्य सावधानियां जरूर बरतनी होंगी। बैठक में तय किया गया कि होने वाले कार्यक्रमों की समय सीमा तय करने के साथ उनमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी सीमित की जाएगी।

इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में भीड़ को रोकने के लिए ऑनलाइन शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। लॉकडाउन को लेकर बैठक में चर्चा नहीं हुई। मास्क नहीं लगाने पर जुर्माने की राशि 200 रुपये तय की गई है।

इसके अलावा जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। रेस्टोरेंट और होटल को रात 10 बजे तक बंद कराए जाने का भी प्रस्ताव भेजा गया है।

इसके अलावा कुछ सुझाव बैठक में सामने आए हैं, जिन्हें गृह मंत्रालय को भेजा गया है। इस पर भोपाल में बैठक के बाद सुझावों को लागू किया जाएगा। बैठक में कहा गया है कि अगर अगले सात दिनों में स्थिति नियंत्रण में नहीं आती तो शासन की अनुमति से नाइट कर्फ्यू पर विचार किया जा सकता है।

इंदौर सहित प्रदेशभर में कोरोना एक बार फिर पैर पसार रहा है। इंदौर में लगातार छठे दिन कोरोना से मौत हुई है और कुल आंकड़ा 940 तक पहुंच गया है। वहीं, लगातार 10 दिनों से आ रहा संक्रमितों का डेढ़ सौ का आंकड़ा अब 200 के पार पहुंचकर 219 हो गया है। इस साल पहली बार ऐसा हुआ है, जब नए संक्रमित 200 के पार गए हैं।

कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने आदेश जारी कर 42 निजी अस्पतालों को फिर से एक तय संख्या में बेड आरक्षित रखने के आदेश दे दिए हैं।

निजी अस्पतालों में कुल 2423 बेड आरक्षित रहेंगे। वहीं, सरकारी अस्पताल एमआरटीबी, एमटीएच और न्यू चेस्ट वार्ड में कुल 635 बेड मरीजों के लिए उपलब्ध रहेंगे। सभी अस्पतालों को मरीजों के उपचार की दरें रिसेप्शन पर प्रदर्शित करना होंगी।