इंदौरः निगम के बढ़ाए टैक्स दरों का चौतरफा विरोध, कांग्रेस चलाएगी जनआंदोलन


निगम की नई टैक्स व्यवस्था का चौतरफा विरोध किया जा रहा है, जहां बीजेपी सांसद शंकर लालवानी सहित पूर्व महापौर मालिनी गौड़ और बीजेपी नेता व विधायक इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का आक्रोश तो सातवें आसमान पर है।


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इंदौर। कोरोना की मार झेल रहे इंदौर में नगर निगम द्वारा अब टैक्स की ऐसी मार आम जनता पर बड़े बोझ के रूप में थोप दी गई है जिसके बाद अब निगम को चौतरफा विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल, 1 अप्रैल से लागू की जाने वाली नई टैक्स दरों के हिसाब से एक घर को कचरा कलेक्शन के लिए 300 रुपये, जलकर के रूप में 400 रुपये तो नए सीवरेज कर के तौर पर 240 रुपये प्रतिमाह चुकाना होगा।

साथ ही संपत्ति कर के रूप में एक बड़ी राशि निगम को इंदौर में रहने के लिए चुकानी पड़ेगी। जिसका सीधा मतलब है कि इंदौर में अब एक घर मे किसी परिवार को रहना है तो उसे 940 रुपये के अलावा संपत्ति कर चुकाना होगा जो कि सालाना 11280 रुपये प्लस संपत्ति कर होगा।

बता दें कि इंदौर में निगम परिषद और महापौर नहीं है। ऐसे में अफसरशाही इंदौर पर हावी हो गई है जिसका परिणाम इंदौर के बाशिंदों को बढ़ते करों के बोझ के रूप में भुगतना पड़ेगा।

नए वित्तीय वर्ष से लागू होने वाली व्यवस्था को लेकर निगम की दलील है कि इन मदों पर निगम को बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है ऐसे में इसकी भरपाई भी जरूरी है।

इधर, निगम की नई टैक्स व्यवस्था का चौतरफा विरोध किया जा रहा है, जहां बीजेपी सांसद शंकर लालवानी सहित पूर्व महापौर मालिनी गौड़ और बीजेपी नेता व विधायक इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का आक्रोश तो सातवें आसमान पर है।

कांग्रेस महापौर पद के प्रत्याशी संजय शुक्ला ने निगम द्वारा लगाए जा रहे करों को थोपे गए करों से तुलना कर कहा है कि वो इस बात का विरोध करते हैं। उन्होंने बकायदा इसके विरोध के लिए एक जनआंदोलन को खड़ा करने की बात की है।

दरअसल, कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला का कहना है कि एक तो पहले ही लोगों के काम-धंधे कोरोना काल के कारण ठप पड़ चुके हैं और ऊपर से बढ़ती महंगाई की मार ने लोगों की कमर तोड़ रखी है। ऐसे में निगम द्वारा दोगुने और नए टैक्स लागू कर लोगों का जीना मुहाल करने का काम किया जा रहा है।

संजय शुक्ला ने बाकायदा निगम की टैक्स नीति के विरोध को लेकर कोरोना काल मे विरोध का नायाब तरीका ढूंढकर एक व्हाट्सएप नम्बर जारी कर लोगों से अपील की है कि निगम की टैक्स नीति को लेकर विरोध स्वरूप आम जनता अपना वीडियो बनाकर उन्हें भेजे।

इन वीडियो को वो निगम प्रशासन और केंद्र सरकार को भेजेंगे। इधर, कांग्रेस प्रवक्ता टंटू शर्मा ने निगम के कर की तुलना अंग्रेजों द्वारा वसूले जाने वाले लगान से करते हुए कहा है कि भाजपा की टीम अंग्रेजों का प्रतिनिधित्व करे और कांग्रेस आम जनता की क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व भुवन यानी संजय शुक्ला के नेतृत्व में करेगी।

इधर, विरोध स्वरूप शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, विधायक संजय शुक्ला और पूर्व नेता प्रतिपक्ष फौज़िया शेख अलीम के नेतृत्व में टैक्स वृद्धि के खिलाफ बुधवार शाम चार बजे निगमायुक्त प्रतिभा पाल से एआईसीटीएसएल के ऑफिस पर मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।

हालांकि निगम की टैक्स वृद्धि कांग्रेस के लिए बैठे बिठाये एक बड़े मुद्दे के मिलने जैसा है। वहीं नगरीय निकाय चुनाव से पहले टैक्स वृद्धि बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं क्योंकि आखिरी परिषद भी बीजेपी की ही थी और प्रदेश में सरकार भी बीजेपी की है।