फिर शुरू हुआ कोरोना से मौतों का सिलसिला, नए वायरस से बच्चों को भी है ख़तरा


कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. अमित मालाकार ने बताया कि बीते कुछ दिनों में कोविड की रफ्तार बढ़ी है। मालाकार के मुताबिक यूके का स्ट्रेन भी इंदौर में निकला है जो काफी तेजी से लोगो को संक्रमित करता है…


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इन्दौर Updated On :

इंदौर। शहर एक बार फिर कोरोना के ख़तरे में घिर चुका है। अब तक संक्रमित मिल रहे थे लेकिन अब संक्रमितों की मौत की ख़बरें भी आने लगीं हैं।  कोरोना के यूके स्ट्रेन के 6 मरीज इंदौर में सामने आने के बाद हालात बिगड़े हैं। इसके कारण चलते इंदौर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधान रहने की अपील करने के साथ सभी नियमों का पालन करने को भी कहा है।

बता दें कि इंदौर में बीते दो दिनों में कोरोना से तीन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे में इस खतरे को देखते हुए प्रशासन और भी सतर्क हो गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जिला इंदौर द्वारा जारी की गई ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को एक ही दिन में कोरोना संक्रमण के 166 केस सामने आए हैं।

इंदौर में अब तक पॉजिटिव हुए मरीजों की संख्या 60886 तक जा पहुंची है। फिलहाल इंदौर शहर में 1353 एक्टिव केस हैं जिनका इलाज हो रहा है। वहीं बीते दो दिनों में हुई तीन संक्रमितों की मौत भी हो गई है। इस तरह अब तक इंदौर में कुल 936 लोगों की मौत संक्रमण के चलते हो चुकी है।

कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. अमित मालाकार ने बताया कि बीते कुछ दिनों में कोविड की रफ्तार बढ़ी है। मालाकार के मुताबिक यूके का स्ट्रेन भी इंदौर में निकला है जो काफी तेजी से लोगों को संक्रमित करता है। हालांकि उसके बढ़ने का प्रतिशत उतना अधिक नहीं है।

ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी ज़रूरी है। पहले की तरह सैनिटाइजर के इस्तेमाल के साथ ही मास्क का उपयोग करना चाहिए और भीड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।

डॉ. अमित मालाकार के मुताबिक कि यूके वेरिएंट के आने से बच्चो में संक्रमण का खतरा बढ़ा है। हालांकि कुल कोविड संक्रमितों में से 4 प्रतिशत ऐसे केस आए हैं जिनमें 10 साल से कम उम्र के बच्चे शामिल हैं।

वहीं उन्होंने बताया कि कोविड का टीका लगवाने के बाद जनता को ये नहीं मानना चाहिए कि हम वैक्सीनेट हो गए हैं तो तुरंत एंटीबॉडी डेवलप हो जाएगी।

 

 

 

उन्होंने बताया कि वैक्सीनेशन के बाद भी कम से कम डेढ़ से दो महीने के बाद अच्छी तरह एंटीबॉडी डेवलप होती है ऐसे में तब तक के लोगों को सैनिटाइजर, मास्क का उपयोग कर सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना चाहिये।