मप्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा ठेके पर रखे गए कर्मचारियों के वेतन में कमीशनखोरी की होगी जांच


मंत्री के निर्देश के बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) ने सभी उपकेंद्रों पर जांच के निर्देश दिए है। मामले में दो प्रभारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।


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फोटो: नई दुनिया से साभार


इंदौर। बीते दिनों ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर द्वारा  मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के औचक निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के आर्थिक शोषण और कमीशनखोरी जो मामला सामने आया था। उस पर मंत्री के निर्देश के बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) ने सभी उपकेंद्रों पर जांच के निर्देश दिए है। मामले में दो प्रभारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

गौरतलब है कि, शुक्रवार रात  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अचानक मक्सी और आगरोद के पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के उपकेंद्र पर पहुंच गए थे। वहां मौजूद कुछ कमर्चारियों ने मंत्री से करते हुए कहा था कि उन्हें पूरा वेतन नहीं मिलता। इस पर मंत्री ने फोन कर एसपी और डीएम को इस मामले में जांच के आदेश दिए थे।

दरअसल मत्री जी के दौरे  के मौके पर  कुछ कर्मचारियों ने शिकायत करते हुए कहा था कि, उन्हें 5200 रुपये वेतन मिलता है जबकि 12 घंटे ड्यूटी करवाई जाती है। मंत्री ने न्यूनतम वेतन का पालन नहीं होने पर हैरानी जताई थी। पूछने पर गार्ड ने बताया कि आउटसोर्सिंग कंपनी के लोग ही उनका एटीएम कार्ड अपने पास रख लेते हैं। कंपनी पूरा वेतन करीब 8400 रुपये खाते में डालती है लेकिन उसमें से कमीशन के तौर पर दो से ढाई हजार रुपये आउटसोर्सिंग कंपनी के लोग हथिया लेते है। कर्मचारियों का शोषण होने पर दोनों उपकेंद्रों के प्रभारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

अब खबर है कि, ट्रांसमिशन कंपनी के एमडी ने आदेश दिया है कि कंपनी के हर उपकेंद्र पर तैनात आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मचारी से पूछताछ हो। मंत्री के निर्देश पर जहां-जहां भी कर्मचारियों से कमीशनखोरी की बात सामने आती है वहां आउटसोर्सिंग कंपनी के कमीशन लेने वाले अधिकारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई जाएगी। कंपनी को भी अब ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी की जा रही है।

मप्र विद्युत वितरण कंपनी भी इंदौर और उज्जैन संभागों में ठेके पर रखे गए कर्मचारियों के वेतन से संबंधित जांच करवाएगी। अधिकारी कर्मचारियों से सीधे बात कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजेंगे। मालूम हो कि बिजली कंपनी में मित्र रीडर से लेकर लाइनमैन तक तमाम कर्मचारी ठेके पर नियुक्त किए जाते हैं। पहली बार ठेके पर रखे कर्मचारियों के शोषण पर कंपनी ने ध्यान दिया है।