VIDEO: किसान सम्मेलन में लगे CM शिवराज और PM मोदी के ख़िलाफ़ नारे, कई जगह जलाए गए पुतले


रीवा में किसान सम्मेलन के दौरान कई किसानों ने सीएम शिवराज सिंह का विरोध किया। इसके बाद करीब पैंतीस किसानों को हिरासत में लेकर उन्हें खुली जेल में रखा गया। रीवा में भारतीय किसान यूनियन कृषि बिलों का काफी विरोध कर रही है। कृषि कानूनों के विरोध में यहां रैलियां निकाली जा रहीं हैं और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुतले जलाए जा रहे हैं।


देश गांव
रीवा Updated On :

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश भर में किसानों को एक जुट करके कृषि बिलों पर आम राय बनाने में जुटी है लेकिन इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के मुर्दाबाद के नारे लगाकर उनके पुतले भी जलाए जा रहे हैं।

रीवा में बुधवार को किसान सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का विरोध करने पर किसानों को हिरासत में लेकर खुली जेल में रखा गया। इस दौरान किसान भी किसान कृषि बिलों को वापस लेने के लिए पीएम मोदीसे अपील करते रहे और अपने वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते रहे।

रीवा में हुए किसान सम्मेलन में संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य किसानों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ख़ासा विरोध किया। सम्मेलन के दौरान संयुक्त मोर्चा के करीब साठ- सत्तर किसान कृषि बिल और राज्य तथा केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाने लगे।

इसके बाद ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर एक मैदान में खुली जेल बनाकर रखा। सम्मेलन समाप्त होने के बाद इन किसानों को छोड़ दिया गया। मोर्चा के संयोजक शिव सिंह ने बताया कि उनका पूरा सहयोग दिल्ली में आंदोलनरत किसानों के साथ है और वे इन बिलों को वापस लेने के लिए डटे रहेंगे।

इन किसानों में शामिल भारतीय किसान यूनियन के सदस्य किसान सुब्रत मणि त्रिपाठी ने बताया कि वे केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का पुरज़ोर विरोध करते हैं और ये कानून केवल किसान को नहीं बल्कि पूंजीपतियों को लाभ मिलेगा।

त्रिपाठी ने बताया कि वे सांकेतिक विरोध के लिए रैली निकालने की अनुमति मांगते हैं तो उन्हें बीस लोगों की अनुमति बड़ी मुश्किल से दी जाती है लेकिन भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री बीस हज़ार लोगों को बुलाकर अपने कृषि बिलों पर किसान की हामी चाहते हैं। विरोध कर रहे किसानों ने पूछा कि मुख्यमंत्री बताएं क्या अब कोरोना का खतरा खत्म हो चुका है।

विरोध करने वाले किसान हाथ में काली पट्टी बांधकर और काला झंडा लेकर आए थे। विरोध के लिए रवाना होने के बाद पुलिस ने किसानों को  गिरफ्तार कर लिया।  मध्यप्रदेश किसान संघर्ष समिति के महामंत्री इंद्रजीत सिंह ने बताया कि सीएम शिवराज सिंह द्वारा प्रदेश के किसानों को गुमराह किया जा रहा है और पैसे के बल पर मजदूरों को बुलाकर भीड़ एकत्र की गई है लेकिन जो वाक़ई किसान हैं वे सरकार के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे हैं।

वीडियो पर बताया अपना विरोधः  हिरासत में लिए गए किसानों ने यहां से सोशल मीडिया के ज़रिए अपने सांकेतिक विरोध की जानकारी लोगों तक पहुंचाई। बहुत से किसानों ने यहां बारी-बारी से कृषि कानूनों के खिलाफ़ अपनी राय स्पष्ट की और प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उनकी बात सुनें और अगर वे सच में किसानों के लिए कुछ करना चाहते हैं तो किसानों से  बात करने के बाद उनके हित में कानून बनाएं।

गिरफ्तार किए गए किसानों में प्रमुख रुप से किसान नेता भागवत प्रसाद पांडे, रामायण सिंह, किसान सुब्रत मणि,  शिव सिंह, एडवोकेट कुंवर सिंह,  इंद्रजीत सिंह,  मुंशी शोभनाथ कुशवाहा,  लाल मणि त्रिपाठी,  रामनरेश सिंह,  संजय निगम,  अशोक सिंह,  श्याम लाल द्विवेदी,  आदित्य त्रिपाठी, पप्पू कनौजिया आदि शामिल थे।

 

किसान सम्मेलन तय होने के बाद से ही रीवा क्षेत्र में पीएम मोदी और सीएम शिवराज सिंह चौहान का विरोध किया जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने पुतले जलाना शुरु कर दिया था। किसानों ने कई जगहों पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पुतले जलाए और उनके खिलाफ़ नारेबाज़ी की।



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