इंदौरः साढ़े तीन साल से PSC के रिजल्ट घोषित नहीं करने के खिलाफ सड़कों पर उतरे सैकड़ों अभ्यर्थी


इंदौर में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे भंवरकुआं भोलाराम उस्ताद मार्ग से पांच सौ से ज्यादा उम्मीदवार तिरंगा यात्रा निकालकर पीएससी मुख्यालय का घेराव करने के लिए निकल पड़े।


देश गांव
इन्दौर Published On :
MPPSC tiranga yatra indore

इंदौर। मप्र लोकसेवा आयोग यानी एमपीपीएससी की परीक्षाओं के रिजल्ट बीते साढ़े तीन साल से घोषित नहीं किए गए हैं। ओबीसी आरक्षण के लंबित विवाद का निर्णय नहीं आने की वजह से पीएससी परीक्षाओं के नतीजे घोषित नहीं कर रहा।

इन परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थी केवल रिजल्ट घोषित किए जाने के इंतजार में अपना कीमती समय बर्बाद होता देख रहे हैं। नतीजों में देरी से परेशान उम्मीदवार शुक्रवार को इंदौर में विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं।

इंदौर में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे भंवरकुआं भोलाराम उस्ताद मार्ग से पांच सौ से ज्यादा उम्मीदवार तिरंगा यात्रा निकालकर पीएससी मुख्यालय का घेराव करने के लिए निकल पड़े।

खास बात यह रही कि विद्यार्थियों के घेराव के कारण शुक्रवार को शहर की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे कोचिंग संस्थानों ने भी छुट्टी घोषित कर दी थी।

ये है अभ्यर्थियों की मांग

अभ्यर्थी पहले ही अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कई अभियान चला चुके हैं, लेकिन इन अभियानों का नतीजा सिफर ही रहा। अभ्यर्थियों की मांग है कि

  • MPPSC के रुके हुए रिजल्ट जल्द घोषित कर ज्वाइनिंग दी जाए।
  • OBC आरक्षण केस का जल्द निराकरण किया जाए।
  • PEB की MPSI, MP PATWARI एवं अन्य सभी भर्तियां निकाली जाए।
  • MP TET वर्ग 3 का जल्द निराकरण किया जाए।

रैली में शामिल युवाओं का कहना है कि पीएससी और शासन दोनों ओबीसी आरक्षण को राजनीतिक लाभ के लिए अधर में अटकाए हुए हैं। मुद्दे को हल नहीं कर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

रैली में शामिल होने वाले एक युवा ने कहा –

पीएससी की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले और इसमें शामिल होने वाले ज्यादातर विद्यार्थी इंदौर से बाहर के हैं। मध्यमवर्गीय परिवारों के इन अभ्यर्थियों के पढ़ाई का खर्च अब घरवालों ने भेजना भी बंद कर दिया है। पीएससी रिजल्ट नहीं दे रहा। नतीजा कई उम्मीदवार इंतजार में ही आयुसीमा से बाहर और मेडिकली अनफिट हो रहे हैं। छात्राओं पर तो दोहरी मार पड़ रही है। पढ़ाई छुड़वाकर परिवार वाले उनकी शादियां करवा रहे हैं।



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