तहसीलदारों की हड़ताल से थम गया कामकाज, फसल नुकसानी की समीक्षा में आ रही परेशानी


पदोन्नति, राजपत्रित और वेतन विसंगति दूर करने की लंबित मांगों को लेकर है अफसरों में नाराजगी।


आशीष यादव आशीष यादव
धार Updated On :

धार। चुनावी साल होने के कारण प्रदेशभर में अलग-अलग संगठनों व कर्मचारी द्वारा हड़ताल की जा रही है। सोमवार से तहसीलदार भी 3 दिनों की हड़ताल पर हैं।

शासन द्वारा लंबित मांगों को लेकर लगातार आवेदन निवेदन किए जा रहे थे मगर सरकार द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। जिसे लेकर तहसीलदार नायब तहसीलदार और पंचायत सचिव, सहायक सचिव आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सरकार के अन्य कर्मचारी भी इस वक्त हड़ताल पर हैं।

 

इससे पहले उन्होंने कलेक्टर को पत्र सौंपकर सामूहिक अवकाश पर जाने की जानकारी दी थी। वहीं अफसरों की हड़ताल के कारण तहसील कार्यालय में सन्नाटा पसरा नजर आया।

आय, जाति, मूल निवासी, राजस्व वसूली, पोर्टल पर जानकारी अपडेट करने से लेकर नामांतरण, बंटवारा, खसरा, खतौनी सहित अभी किसानो की बारिश व ओलावृष्टि से किसानों का सर्वे का काम भी प्रभावित होगा पहले ऊपर से पानी और नीचे से हड़ताल ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इसे लेकर विपक्ष भी सरकार पर हमले बोल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस परेशानी पर लिखा।

इस हड़ताल से दर्जनों विभागीय कामकाज प्रभावित होंगे। हाल ही में जिले में हुई ओलावृष्टि का सर्वे पटवारी तो करेंगे, लेकिन यह प्रक्रिया आगे तब बढ़ेगी जब तहसीलदार, नायब तहसीलदार अवकाश से वापस लौटेंगे, क्योंकि पटवारियों द्वारा किए गए सर्वे को तहसीलदार ही आगे बढ़ाते हैं।

शासन द्वारा तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर, नायब तहसीलदार से तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक से नायब तहसीलदार के पद पर पदोन्नित का आदेश जारी नहीं किए जाने से नाराज प्रदेशभर की तरह धार जिले अनुविभाग क्षेत्र के तहसीलदार, नायब तहसीलदारों ने गुरुवार को काली पट्टी बांधकर काम किया। शुक्रवार को भी विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। इसके बाद सोमवार से सरकार का काम बंद कर दिया।

समस्त संवर्गीय अधिकारीगण, संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी और समस्त जिला की कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक गूगल मीट के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें धार अनुविभाग के राजस्व अधिकारी भी शामिल हुए।

तहसीलदारों ने बताया कि बैठक में पदोन्नाति नहीं दिए जाने, राजपत्रित अधिकारी दर्जा नहीं देने और वेतन विसंगति दूर नहीं करने को लेकर बार-बार शासन के समक्ष लगातार मांगपत्र देने के बाद भी निराकरण नहीं किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि इसे लेकर 28 फरवरी को रिमाइंडर दिया गया लेकिन तब भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। इससे लगता है कि राजस्व अधिकारी संघ ने मांग पत्र शासन के लिए कोई महत्व नहीं रखते है इसलिए संघ ने फैसला किया है कि वह गुरुवार से पूरे प्रदेश में राजस्व अधिकारी 2 दिवसीय बांह में काली पट्टी बांधकर काम किया गया था।

इस दौरान सभी राजस्व अधिकारी जिला मुख्यालय में या अनुविभाग मुख्यालय में एकत्र होकर 3 – दिन के सामूहिक अवकाश का आवेदन एक साथ हस्ताक्षर कर कलेक्टर या एसडीएम को देकर काम बन्द कर दिया वहीं तीन दिन तक अधिकारियों कोई भी कार्य नहीं करें।

तीन दिन तक रहेंगे सामूहिक अवकाश पर:

तहसीलदार विनोद राठौड़ ने बताया कि बैठक में हुए निर्णय अनुसार अधिकारीगण 20 से 22 मार्च तक तीन दिन तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस दौरान राजस्व अधिकारी अपने को हर तरह से प्रशासनिक, कार्यपालिक, न्यायालयीन कार्य से मुक्त रखेंगे।

धार में संघ ने तय किया है कि वे बोर्ड परीक्षा ड्यूटी भी नहीं करेंगे, जिसकी सूचना आवेदन पत्र में दी जाएगी। इसके साथ ही प्रमुख राजस्व आयुक्त द्वारा बनाए गए सूचना ग्रुप से भी सभी लेफ्ट होंगे।

23 मार्च को सभी अधिकारी पुनः कार्यालय में उपस्थित होकर कार्य करेंगे। 24 और 25 मार्च को पुनः गूगल मीट बैठक होगी और आगामी योजना की रुपरेखा तैयार की जाएगी। राठौड़ ने बताया कि संघ ने पदाधिकारी राजस्व मंत्री और अन्य प्रशासनिक मुखिया के समक्ष एक स्मरण पत्र सामूहिक अवकाश को लेकर देने वाले है।

 

डिजिटल साइन सरकारी वाहन किए खड़े:

अफसरों के अनुसार राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार प्रांतीय संघ के निर्णय के अनुसार 20 से 22 मार्च तक तीन दिन सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर जाने से पहले अपने कार्यालय से डिजिटल साइन वापस लिए गए।

इसके साथ ही शासकीय वाहन भी वापस कर दिया गया। सभी अफसर प्रशासकीय वाट्सएप्प ग्रुप से भी अलग हो गए। किसी भी प्रकार के सरकारी काम में सहयोग न करने का निर्णय लिया गया। धार तहसीलदार विनोद राठौड़ ने कहा- आज से 3 दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी गई है।

मांगों पर विचार नही करने से हम निराश हैं

शासन द्वारा हमारी मांगों को नजरअंदाज करने से हमें यह प्रतीत होता है कि हमारे सभी मांगपत्र शासन के लिए कोई महत्व नहीं रखते हैं।

ऐसे में कार्यकारिणी ने सभी सदस्यों से सुझाव संकलित कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि राजस्व अधिकारी 2 दिवस तक दाएं बांह में काली पट्टी बांध कर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगें।

20 मार्च सोमवार से 22 मार्च बुधवार तक अवकाश पर रहकर किसी भी तरह के प्रशासनिक, कार्यपालिक, न्यायालयीन कार्य नहीं करेंगे। 23 मार्च पुनः कार्यालय में उपस्थित होकर कार्य करेंगे। क्योंकि शासन हमारी मांगों पर कोई विचार नहीं कर रही है, जिससे हताश और निराश हैं।

 

हलताल से यह काम होंगे प्रभावित:

  • नामांतरण, बटवारा, सीमाकंन जैसी सेवाएं होगी प्रभावित।
  • समाधान एक दिवस में दी जाने वाली सेवाएं।
  • डोंगल वापस लेने से आय, मूल निवासी व जन्म प्रमाण पत्र नहीं होंगे जारी।
  • 151 के अपराधियों का निराकरण, मरणासन्न कथन।
  • बोर्ड परीक्षाओं को लेकर निरीक्षण।
  • पीएम ओर सीएम किसान योजनाओं के सत्यापन से लगाकर अन्य काम।

आज तक कोई आश्वासन नहीं मिला

पदोन्नित, राजपत्रित अधिकारी और वेतन विसंगति संबंधित तीनों विषयों की पूर्ति के लिए शासन के समक्ष लगातार मांगपत्र प्रस्तुत किए जाने के बाबजूद आज दिनांक तक हमें कोई ठोस हल, आश्वासन प्राप्त नहीं हुआ है। शासन के समक्ष वर्तमान में हमारे संघ द्वारा 28 फरवरी 2023 को उक्त मांगों को पुनः प्रस्तुत किया गया किंतु कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई। इसलिए हमारा संगठन चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन कर रहा है।

विनोद राठौड़, तहसीलदार,धार



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