राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर बन रहा माहौल, धार के लोगों ने की विश्व कीर्तिमान की तैयारी, गोल्डन बुक आफ रिकार्ड में दर्ज


सकल हिंदू समाज के हजारों राम भक्तों ने सामूहिक रूप से श्रीराम रक्षा स्त्रोत का पाठ किया शहर की हर बस्ती का प्रतिनिधित्व हुआ


आशीष यादव आशीष यादव
धार Updated On :

राजा भोज की धारा नगरी आज धन्य हुई। अयोध्या से लेकर धार तक श्री रामोत्सव की धूमधाम है। रविवार की शाम को यहां उदाजी राव चौपाटी (घोड़ा चौपाटी) पर हजारों परिवारों ने श्रीराम रक्षा स्त्रोत का सामूहिक पाठ करके एक कीर्तिमान स्थापित किया। इसमें शहर के व्यापारी शाम 4 बजे अपने प्रतिष्ठानों को मंगल कर आयोजन में सहभागी बनें। एक साथ हजाराें लोगों ने सस्वर पाठ किया और गोल्डन बुक आफ रिकार्ड में दर्ज करवाया है। यह कीर्तिमान भोज नगरी के राम भक्त हमेशा याद रखेंगे।

इस राम रक्षा स्त्रोत के पाठ से हर सनातनी ने अपने ऊपर राम की रक्षा का कवच भी प्राप्त कर लिया है। राम मंदिर में श्री राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा का उत्सव धार में रविवार की शाम से ही शुरू हो गया। जो अगले 24 घंटे तक अविरत जारी रहेगा। यह कीर्तिमान केवल एक प्रमाण पत्र के लिए नहीं है, बल्कि यह कीर्तिमान सामाजिक एकता समरसता और प्रभु श्रीराम के प्रति आस्था के प्रति समर्पण का कीर्तिमान है। जो यह दर्शाता है कि हर सनातनी अपने प्रभु श्री राम के प्रति समर्पित है। कार्यक्रम स्थल भगवामय होने से साथ राम भक्ति से ओत-प्रोत था।

आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे

रक्षास्तोत्र व हनुमान चालीसा का पाठ किया: रामलला प्राण-प्रतिष्ठा के पूर्व संध्या रविवार को धार नगर के उदाजी राव चौपाटी पर हज़ारों परिवार एकत्रित हुए। राम रक्षास्तोत्र व हनुमान चालीसा का पाठ किया। धार नगर के हिंदू समाज ने श्रीराम रक्षा स्त्रोत का सामूहिक पाठ करके विश्व कीर्तिमान भी रचा। दीपावली की चमक व दमक के रंग के उत्साह में श्रीरामजी का हर भक्त रविवार की शाम को एक की संकल्प के साथ घर से निकला की उसे उस आयोजन में शामिल होना है जो राममार्गी रास्त पर ले जाता हो। शाम 4 बजे लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। शहर में ऐसा वातावरण संभवत: पहले कभी नहीं रहा।

आयोजन स्थली की सज्जा इस तरह की गई थी कि यहां राम कृपा की शीतल छाया हो। यहां कोई छोटा न बड़ा था। एक साथ एक बिछायत पर बैठ राम भक्तों ने पाठ शुरू किया। उर्जा को ऐसा संचार हुआ कि पूरे वातावरण में पाठ के श्लोकों की मीठास घुल गई। इसमें भक्ति स्वर प्रदान करने में पं. नीलेश व्यास व पं.गोपाल जोशी के साथ श्रीराम मंदिर मांडू के 21 बटुकाें ने अपना योगदान दिया। आयोजन समिति के विनय आग्रही भाव की स्वीकार किया और रामोत्सव कार्यक्रम में सकल हिंदू समाज की मौजदूगी ने आयोजन के गौरव को बढ़ा दिया।

रविवार की शाम को आयोजन की शुरूआत में पंडित देशराज वशिष्ठ द्वारा गायन की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद सामूहिक रूप से तबला वादन किया गया।संघर्ष गाथा सुन रोम-रोम में राम भक्ति की शक्ति आई।

500 साल से राम मंदिर के लिए जो संघर्ष: इस आयोजन में 500 साल से राम मंदिर के लिए जो संघर्ष किया जा रहा था, उसे स्लाइड शो के माध्यम से बताया गया। यह क्षण खास थे। हर किसी के रोम-रोम में राम भक्ति की शक्ति आई। साथ ही उन बलिदानियाें का प्रति सभी ने शीष नवांया, जिनके योगदान के बिना यह पल संभव नहीं था। आयोजन स्थल पर हर किसी की आंखें नम हो गई थी। बलिदानियाें के प्रति श्रद्वा की यह एक सच्ची श्रद्वांजलि थी। संघर्ष गाथा सुनते समय हर कोई जड़ हो गया था, क्योंकि संघर्ष की गाथा के हर शब्द व चित्र राम काज के प्रति आस्था का संचार कर रहे थे।ये हुए आयोजन श्रीराम जी की प्रभुता का गायन किया गया।

  • 13 बार विजय मंत्र का गायन किया।
  • हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
  • 14 बस्ती में 100 से अधिक प्रभात फेरी।
  • 14 जनवरी के पहले से प्रभात फेरी का क्रम शुरू हो गया था।
  • धार नगर में आयोजन को लेकर 200 बैठक हुई

 

त्रिमूर्ति चौराहे की ओर से आने वाले के लिए उदाजी राव यानी घोड़ा चौपाटी से किला मैदान में तथा शहर से आने वाले के लिए मोहन टाॅॅकिज होते हुए बस डिपो परिसर पर पार्किंग स्थल बनाए था। वहीं निशक्तजनों व शारीरिक समस्या वाले बंधू, भगिनी के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था भी समिति द्वारा की गई थी। आयोजन की व्यवस्था को अनुशासित स्वयं सेवकों ने संभाला।अधिकारियों ने संभाला मोर्चा आयोजन के दौरान शहर के 11 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता रही। इस कारण इस कार्यक्रम ने इतिहास रचकर नया कीर्तिमान बनाया।

इनके हवाले सुरक्षा का जिम्मा: आयोजन की सुरक्षा को लेकर एडीएम अश्विनी कुमार रावत, एएसपी डॉ. इंद्रजीत बाकलवार, एसडीएम रोशनी पाटीदार, आरआई पुरषोत्‍तम विश्‍नोई, सीएसपी रवींद्र वास्‍केल, सीएमओ निशिकांत शुक्‍ला, तहसीलदार दिनेश उईके, टीआई कोतवाली कमलेश शर्मा, टीआई नौगांंव सविता चौधरी, धामनोद टीआई समीर पाटीदार मौजूद थे।वहीं शहर भर में सुरक्षा की दृष्टि से ड्रोन से निगरानी रखी गई। शहर में संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस तेनात थे।



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