महू के ग्रामीण क्षेत्र के संक्रमितों को अब आईसोलेशन कोच में रखने की तैयारी


ग्रामीण क्षेत्र में मिल रहे संक्रमितों को इन आइसोलेशन कोच तक लाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी।


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Published On :

इंदौर। महू तहसील में संक्रमितों की दिनों दिन बढ़ती संख्या के कारण अब  सरकारी और निजी अस्पतालों में पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। पिछले कुछ समय से ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमितों की संख्या ज्यादा हो रही है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने  रेलवे के दो कोच को  आईसोलेशन कोच में बदलने का निर्णय लिया है।

टीही रेलवे स्टेशन पर पहले दो कोच को आईसोलेशन कोच बनाया जाएगा  सब कुछ ठीक रहा तो यह संख्या बड़ाई जाएगी। यहां एक कोच में
18 संक्रमितों को रखने की व्यवस्था की जा रही है। जिसका निरीक्षण एसडीएम अभिलाष मिश्रा ने कर आवश्यक निर्देश् दिए।

पिछले एक सप्ताह से तहसील मे संक्रमितों की संख्या तीन अंकों से कम होने का नाम ही नहीं ले रही। इन दिनों संक्रमितों की संख्या ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा निकल रही है। यही भार महू के शासकीय  मध्यभारत  अस्पताल के साथ कोरोना का इलाज कर रहे चार निजी अस्पतालों पर पड़ रहा है।

शासकीय मध्यभारत अस्पताल में तो संक्रमितों की वेटिंग चल रही है।  इस स्थिति से निपटने के लिए  स्थानीय प्रशासन  ने पाथ फाउंडेशन के सहयोग से एक नई व्यवस्था आरंभ करने का प्रयास किया है। इसमें  नज़दीकी टीही रेलवे स्टेशन पर  खड़े बड़ी लाईन के रेलवे कोच को आईसोलेशन कोच में तब्दील किया जाएगा।

यहां  पहले तीन कोच को आईसोलेशन कोच बनाया जाएगा। जिसमें दो कोच संक्रमितों के लिए व एक कोच स्टाफ, मेडीकल स्टोर आदि के लिए होगा। जानकारी के अनुसार एक कोच में 18 यानी दो कोच में छत्तीस संक्रमितों को रखा जाएगा।

स्लीपर कोच में बीच की सीट निकाली जाएगी  ताकि संक्रमित आराम से बैठ सकें। इन कोच में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के संक्रमितों की रखा जाएगा इन्हें यहां तक लाने के लिए एम्बूलेंस भी मौजूद रहेगी।

इसके अलावा एक कोच  पांच कूलर व हर बेड पर आक्सीजन लाइन डाली जाएगी। रविवार को एसडीएम अभिलाष मिश्रा ने इस स्टेशन व कोच का निरीक्षण कर व्यवस्था देखी तथा रेलवे के अधिकारियों से चर्चा कर इसे सोमवार की शाम तक तैयार करने के निर्देश दिए।

इस दौरान उन्होंने अन्य व्यवस्था और समस्या पर भी चर्चा की। इन कोच के लिए प्रशासन व पाथ फाउंडेशन द्वारा  चिकित्सकों, स्टाफ,आक्सीजन, कूलर, पानी व अन्य व्यवस्था की जा रही है।

इस स्टेशन पर सबसे बड़ी समस्या रैंप की है क्योंकि स्टेशन का प्लेटफार्म काफी नीचे है और कोच काफी उंचे हैं बड़ी। कोच में जाने के लिए  संक्रमित काे पहले तो स्टेशन पर आने के लिए काफी उपर आना होगा इसके बाद स्टेशन से कोच में भी जाने के लिए परेशानी होगी।

इस समस्या के निदान के लिए एसडीएम अभिलाष मिश्रा ने स्थानीय सैन्य प्रशासन से चर्चा की है ताकि रैंप के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
हो सके। ऊपर तक पानी लाना भी एक समस्या है लेकिन इसके लिए पूरे समय टैंकर मौजूद रहेंगे तथा मोटर से पानी लाने और कूलर में डालने की व्यवस्था की जाएगी।