रोक के बावजूद जेसीबी व पोकलेन मशीन से तवा नदी में रेत का उत्खनन


जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर बाबई के पास तवा नदी के पास शासन की वैध खदान है, लेकिन शासन की पिछले साल बनी नई खनिज नीति के मुताबिक, यहां मशीन से उत्खनन पर रोक लगी हुई है।


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नर्मदापुरम Updated On :
tawa river sand excavation

होशंगाबाद। जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर बाबई के पास तवा नदी में इन दिनों जेसीबी और पोकलेन मशीनों से रेत का अवैध रूप से जमकर उत्खनन हो रहा है। इसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में भी वायरल हो रहे हैं।

यहां पर शासन की वैध खदान है, लेकिन शासन की पिछले साल बनी नई खनिज नीति के मुताबिक, यहां मशीन से उत्खनन पर रोक लगी हुई है।

पिछले दिनों बाबई के रेत मजदूरों ने मशीन से उत्खनन रोकने की मांग को लेकर आंदोलन भी किया था। इसे लेकर जिला खनिज अधिकारी शशांक शुक्ला ने कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया था।

खनिज अधिकारी अभी तक कोई कार्रवाई तो नहीं कर पाए और यहां तवा नदी से मशीनों से रेत के उत्खनन का काम दिन-रात चल रहा है।

कोरोना संक्रमण के कारण करीब 8 माह से रेत निकालने का काम पूरी तरह बंद पड़ा था। इस बार बाढ़ और बारिश के कारण नदी में रेत की अच्छी आवक हुई है।

अत्याधिक रेत आने के कारण ठेकेदार दिन-रात मशीनों से उत्खनन करा रहे हैं। बाजार में भी रेत की खूब मांग है और अच्छे दाम भी मिल रहे हैं। वर्तमान में एक ट्रॉली रेत 2500 रुपये तथा एक डंपर रेत के दाम 40 हजार रुपये हैं।



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