जयसिंहनगर में हाथियों ने दूसरे दिन तीन ग्रामीणों को कुचला, मौके पर ही हुई मौत


यह तीनों गांव के पास ही जंगल में महुआ बीनने गए थे। उसी समय हाथियों का दल आया और तीनों को बुरी तरह कुचल दिया है।


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शहडोल Published On :
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शहडोल। जिला मुख्यालय से तकरीबन 60 किलोमीटर दूर उत्तर वन मंडल के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में हाथियों का लगातार उत्पात जारी है और दूसरे दिन बुधवार की सुबह बांसा गांव में महुआ बीनने गए तीन ग्रामीणों को फिर हाथियों ने कुचल दिया जिनकी मौत मौके पर ही हो गई।

मृतकों में पति-पत्नी और साली शामिल हैं। एक दिन पहले इसी क्षेत्र में हाथियों के झुंड ने एक दंपति को कुचला था जिनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर दशरथ प्रजापति के मुताबिक, सुबह तीन से चार बजे के बीच की घटना है। बांसा गांव के लल्लू उर्फ बल्ले सिंह कंवर 50 साल और उसकी पत्नी ललिता सिंह कंवर 48 साल एवं इसकी साली देवी सिंह कंवर 38 साल निवासी नौगई को हाथियों ने कुचल दिया है जिनकी घटनास्थल पर मौत हो गई है।

यह तीनों गांव के पास ही जंगल में महुआ बीनने गए थे। उसी समय हाथियों का दल आया और तीनों को बुरी तरह कुचल दिया है।

इसके पहले हाथियों ने बासा गांव के पास वेयरहाउस में रखी धान को रौंदते हुए नुकसान पहुंचाया है। वहां से आगे बढ़ते हुए तीनों ग्रामीणों को कुचला और अब सेमरा गांव के आसपास हाथियों का दल पहुंच गया है।

वन विभाग और पुलिस विभाग का अमला गांव में मंगलवार से ही क्षेत्र में मौजूद है और गांव के लोगों को सतर्क कर रहा है और जंगल में जाने से रोक रहा है।

हाथी जंगल छोड़ रिहायसी क्षेत्र में घूम रहे हैं, जिससे लोगों में भय व्याप्त है‌। घटना की जानकारी लगते ही एडीजी डीसी सागर, कलेक्टर बंदना वैद्य, पुलिस अधीक्षक अव अवधेश गोस्वामी जैसीनगर क्षेत्र में पहुंच गए हैं।

मृतकों के शव जयसिंहनगर के सरकारी अस्पताल ले जाए गए हैं जहां उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके हैं और हाथियों को आबादी के पास से हटाने की कोशिशें हो रही हैं लेकिन वन विभाग को फिलहाल कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।



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