केंद्र सरकार ने तीन कंपनियों को दिया 74 करोड़ कोरोना वैक्सीन का ऑर्डर


राज्यों को मुफ्त वैक्सीन देने के ऐलान के अगले ही दिन केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन के 74 करोड़ डोज का एक बड़ा ऑर्डर तीन विभिन्न कंपनियों को दिया है। पीएम मोदी ने सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में ऐलान किया था कि 21 जून से 18 साल से ज्यादा उम्र वालों को भी फ्री वैक्सीन का फायदा मिलेगा।


देश गांव
दवा-दारू Published On :
corona-vaccine-order

नई दिल्ली। राज्यों को मुफ्त वैक्सीन देने के ऐलान के अगले ही दिन केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन के 74 करोड़ डोज का एक बड़ा ऑर्डर तीन विभिन्न कंपनियों को दिया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि 25 करोड़ कोवीशील्ड और 19 करोड़ कोवैक्सिन का ऑर्डर क्रमशः सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को दिया गया है। सरकार ने कंपनियों को ऑर्डर की 30 फीसदी रकम एडवांस में जारी कर दी है।

इसके साथ ही हैदराबाद की कंपनी बायोलॉजिकल-ई को भी उनके कोरबेवैक्स वैक्सीन के 30 करोड़ डोज का वर्क ऑर्डर जारी किया है।

माना जा रहा है कि बायोलॉजिकल-ई की वैक्सीन सितंबर 2021 तक उपलब्ध हो जाएगी। वहीं सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक की वैक्सीन दिसंबर 2021 तक उपलब्ध होगी।

बता दें कि पीएम मोदी ने सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में ऐलान किया था कि 21 जून से 18 साल से ज्यादा उम्र वालों को भी फ्री वैक्सीन का फायदा मिलेगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीनेशन प्रोग्राम की नई गाइडलाइंस भी मंगलवार को जारी कर दी हैं। नई गाइडलाइंस के मुताबिक, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माता कंपनियों से 75% वैक्सीन खरीद कर राज्यों को मुफ्त में देगी, लेकिन राज्यों को वैक्सीन की बर्बादी से बचना होगा नहीं तो उन्हें मिलने वाली सप्लाई पर असर पड़ेगा।

इसके साथ ही कहा गया है कि प्राइवेट अस्पतालों के लिए वैक्सीन की कीमत मैन्युफैक्चरर कंपनियां ही घोषित करेंगी। वहीं, केंद्र की तरफ से राज्यों को वैक्सीन के जितने डोज मिलेंगे। उनमें राज्यों को प्राथमिकता तय करनी होगी।

इस प्रायरिटी लिस्ट में फ्रंटलाइन वर्कर्स व हेल्थकेयर वर्कर्स सबसे ऊपर रहेंगे। इसके बाद 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और फिर उन लोगों को प्राथमिकता देनी होगी जिनका दूसरा डोज बाकी है।

इसके बाद 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का नंबर आएगा। इनके वैक्सीनेशन के लिए राज्य सरकारें अपने हिसाब से प्रायोरिटी तय कर सकेंगी।



Related