पश्चिम रेलवे के जीएम ने कहा- माहौल ठीक होते ही महू-इंदौर के बीच शुरू कर देंगे डेमू का संचालन


पश्चिम रेलवे के जीएम आलोक कंसल कुछ माह बाद सेवानिवृत्त होने वाले हैं। वे महू से कालाकुंड तक विशेष ट्रेन से पत्नी के साथ रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने कालाकुंड तक का विंडो निरीक्षण किया।


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Published On :
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पश्चिम रेलवे के जीएम आलोक कंसल हेरिटेज कोच देखने के बाद सपत्नीक कालाकुंड गए।

महू। अभी भी कोरोना का भय बना हुआ है। स्थिति सामान्य होते ही महू-इंदौर के बीच डेमू का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही किराया भी पूर्व की तरह सामान्य कर देंगे।

यह बात पश्चिम रेलवे के जीएम आलोक कंसल ने महू रेलवे स्टेशन पर चर्चा करते हुए कही। कंसल गुरुवार की सुबह कालाकुंड जाने के लिए महू रेलवे स्टेशन पहुंचे थे।

महू रेलवे स्टेशन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लिए तीन डेमू स्वीकृत हैं। दो का संचालन हो रहा है और एक अन्य डेमू का संचालन भी जल्दी ही शुरू कर दिया जाएगा। इसके संचालन के समय को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा।

कंसल ने पातालपानी कालाकुंड को और ज्यादा आकर्षित बनाने के के सवाल पर कहा कि इसके लिए मध्यप्रदेश शासन और प्रदेश पर्यटन विभाग से चर्चा चल रही है। हमारा प्रयास है कि इस क्षेत्र का समूचित विकास हो ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक यहां आएं।

कंसल ने कहा कि जल्दी ही महू-इंदौर के बीच का किराया पूर्व की तरह कर दिया जाएगा। स्टेशन विस्तार के लिए जमीन के अधिग्रहण के सवाल पर कहा कि यह मामला उच्चस्तर का है, जिसपर रेलवे मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय के अधिकारी निर्णय लेंगे।

कंसल से जब महू-राऊ के बीच रेलवे लाइन के दोहरीकरण को लेकर पूछा गया तो उन्हें इस बारे में जानकारी ही नहीं थी जबकि यह योजना सत्तर करोड़ रुपये की होकर वर्षों पूर्व स्वीकृत हो चुकी है। इस बारे में डीआरएम ने जानकारी दी।

कंसल महू रेलवे स्टेशन पर मात्र पैंतीस मिनट रूके और इस दौरान उन्होंने हेरिटेज ट्रेन के कोच का बाहर से ही निरीक्षण कर संतोष प्रकट किया। कंसल के साथ रेलवे के सभी अधिकारी मौजूद थे।

बता दें कि पश्चिम रेलवे के जीएम आलोक कंसल कुछ माह बाद सेवानिवृत्त होने वाले हैं। वे महू से कालाकुंड तक विशेष ट्रेन से पत्नी के साथ रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने कालाकुंड तक का विंडो निरीक्षण किया।