शहडोल संभाग में स्थिति भयावह, तीन दिन में सामने आए 850 पॉजिटिव मामले


कोरोना संक्रमण अब शहडोल संभाग में भी अपना असर दिखा रहा है और 11 से 14 अप्रैल तक तीन दिन में इससे 11 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही साथ इन तीन दिनों में 850 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं।


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शहडोल Published On :
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शहडोल। कोरोना संक्रमण अब शहडोल संभाग में भी अपना असर दिखा रहा है और 11 से 14 अप्रैल तक तीन दिन में इससे 11 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही साथ इन तीन दिनों में 850 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। बुधवार को ही शहडोल जिले में 193 पॉजिटिव केस मिले हैं।

जिले में बीते तीन दिन के अंदर मेडिकल कॉलेज में भर्ती 11 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। सोमवार को चार और मंगलवार को पांच और बुधवार को दो लोगों की मौत हुई है।

जानकारी के मुताबिक सोमवार को शहडोल का एक, उमरिया जिले का एक, अनूपपुर जिले के दो, मंगलवार को शहडोल जिले के दो, उमरिया जिले के दो और अनूपपुर जिले के एक व्यक्ति की मौत हुई है जबकि बुधवार को शहडोल जिले के ही दो लोगों की मौत होने की बात सामने आई है।

मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के मुताबिक इन लोगों को गंभीर हालत में इलाज के लिए लाया गया था। जब तक इनको इलाज के लिए लाया गया तब तक संक्रमण इनके शरीर में काफी फैल चुका था। इलाज के लिए लाने में देरी के कारण इस तरह की स्थिति बनी है।

इतने मामले सामने के बाद भी लोग स्थिति की भयावहता को समझ नहीं रहे हैं और बिना मास्क के घूमते हुए देखे जा सकते हैं। हालात बिगड़ने के बाद भी स्थिति को संभालने में प्रशासन अपनी तरफ से सारा जोर लगा रहा है।

जिला कलेक्टर सतेंद्र सिंह ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज में फीवर क्लीनिक मरीजों एवं कोविड-19 के पॉजटिव मरीज को अलग-अलग प्रवेश कराने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे संभावित फीवर क्लीनिक में जांच कराने आए मरीज कोविड-19 के पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आने से बच सकेंगे।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सिंह ने ऑक्सीजन सिलेंडर, बेड्स, वेंटीलेटर सहित अन्य चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली तथा मेडिकल कॉलेज में आ रहे मरीजों से चर्चा की।

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कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज में आए मरीजों को बैठने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने डीन को कहा कि पंजीयन के लिए बहुत लंबी लाइन न लगाएं व इसके लिए दो कंप्यूटर ऑपरेटर लगाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने भ्रमण के दौरान उस वार्ड का निरीक्षण किया जहां 60 बिस्तरीय सीसीसी सेंटर बनाया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि आईसीयू के मरीजों को जिनको आवश्यकता है उन्हें स्टेप डाउन वार्ड में रखा जाए।

आईसीयू में उन्हीं मरीजों को रखा जाए जो वास्तव में गंभीर हालत में हो। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा, सीएमएचओ डॉ. एमएस सागर, डॉ. नागेंद्र सिंह, डॉ. अभिषेक गौर, डॉ. आकाश रंजन सिंह व डॉ. अंशुमन सोनारे मौजूद रहे।



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