ट्रेजरी से गायब 80 लाख के आभूषण मामले में एसआईटी खाली हाथ

Kumar Manish
ग्वालियर Updated On :
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ग्वालियर। ग्वालियर में मोतीमहल स्थित कोषालय (ट्रेजरी) से 80 लाख रुपए से अधिक के आभूषण गायब होने की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पता नहीं लगा सकी है। 1988 में हुई एक वारदात में चोरी हुए सोने-चांदी के आभूषणों की बरामदगी के बाद कोषालय में जमा करवाने और वहां से गायब हो जाने का मामला करीब 32 साल बाद फिर चर्चा में है।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में बुधवार को एसआईटी ने बताया कि अधिकारी व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। प्राथमिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि सोना-चांदी के आभूषण गायब करने में ट्रेजरी के कर्मचारियों का हाथ है। इस याचिका पर गुरुवार (आठ अक्टूबर) को फिर से सुनवाई होगी। किला गेट स्थित सोडा कुआं के पास सोना-चांदी का व्यापार करने वाले रमेशचंद्र गोयल के घर में 1988 में डकैती पड़ी थी। डकैतों ने रमेशचंद्र और पत्नी बसंती की हत्या कर दी थी। डकैतों ने सोना-चांदी व नकदी लूट लिए थे। बाद में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और उससे बरामद सोने-चांदी के आभूषणों को ट्रेजरी में रखवा दिया था।

2013 में रमेशचंद्र के बेटे राम गोयल, श्याम गोयल व बेटी रुचि अग्रवाल ने ट्रेजरी में जमा सोने-चांदी के आभूषण को वापस लेने के लिए जिला कोर्ट में आवेदन दिया था। जब सामान वापस मिलने में देरी हुई तो वे हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने शीघ्र कार्रवाई पूरी कर 2016 में आभूषण लौटाने का आदेश दिया।

इस आदेश के बाद ट्रेजरी के मालखाने से आभूषण से भरा बॉक्स मंगाया। उसे खोला गया तो बॉक्स से सोना-चांदी गायब मिला। जिला जज ने इस मामले की जांच की। बॉक्स से कीमती आभूषण के 12 पैकेट गायब बताए गए थे। जिला जज ने 2017 में इन आभूषणों की अनुमानित कीमत 70 से 80 लाख रुपए के बीच बताई थी। हाईकोर्ट इस पूरे मामले पर सख्त बना रहा।

सख्ती के बाद पुलिस अधीक्षक ने गायब करने वालों की पहचान के लिए कुछ महीनों पहले एसआईटी गठित की, जिसमें सीएसपी इंदरगंज मुनीश राजौरिया, टीआई पड़ाव थाना ज्ञानेंद्र सिंह, उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा को शामिल किया गया है। आभूषण गायब होने के मामले में ट्रेजरी के पूर्व नाजिर हरि सिंह के खिलाफ पड़ाव थाने में केस दर्ज हो चुका है, लेकिन उसने पूछताछ के दौरान जुर्म स्वीकार करने से इंकार कर दिया है। एसआईटी ने जांच कर स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की है।



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