महंगी शराब, कपड़े और गाड़ियों के शौकीन खनिज अधिकारी को सीएम शिवराज ने जबरन किया रिटायर


इंदौर में खनिज अधिकारी रहे प्रदीप खन्ना खासे बदनाम रहे हैं। उन्हें महंगी शराब, नाइट लाइफ जीने, महंगे कपड़े और महंगी कारों का शौक है। नौकरी के कुछ ही सालों में उन्होंंने करोड़ों की दौलत कमा ली। उनकी रईसी के चर्चे अधिकारियों के बीच आम थे।


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इन्दौर Published On :

इंदौर। खनिज इधिकारी प्रदीप खन्ना को राज्य सरकार ने उनकी सेवाएं समाप्त होने से पहले ही रिटायर कर दिया है। उनके उपर कुछ समय पहले हुई लोकायुक्त की कार्रवाई में उनकी करोड़ों रुपये की जायदाद का पता चला था।

जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज की निर्देशों पर यह कदम उठाया गया है। जिन्होंने खनिज विभाग को फटकार लगाई थी और इसके बाद ही खन्ना को बर्खास्त करने का प्रस्ताव तैयार कर आगे कार्रवाई के लिये भेजा गया था।

1986 में तीसरी श्रेणी के कर्मी से नौकरी शुरु करने वाले खन्ना ने 2001 में पहला प्रमोशन हांसिल किया और इसके बाद उन्होंने लगातार वित्तीय मज़बूती हांसिल की। नौकरी शुरु करने से अब तक उनकी कमाई करीब 75 लाख रुपये के आसपास होनी चाहिये थे लेकिन खन्ना के पास मिली संपत्ती की कीमत करोड़ों रुपयों में हैं। अपनी 32 साल की नौकरी में खन्ना तीन बार निलंबित हुए हैं।

खन्ना अपनी नौकरी के दौरान  तीन बार निलंबित हुए हैं। लोकायुक्त के छापों के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने खनिज विभाग की समीक्षा बैठक में खन्ना और उन जैसे अफसरों को बर्खास्त करने और दागी अफसरों को हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग ने खन्ना का नाम उस छानबीन समिति को भेज दिया था जो 20 साल नौकरी या 50 साल उम्र के आधार पर कर्मचारियों की जांच करती है।

इस समिति ने खन्ना के अनफिट होने की रिपोर्ट दी और उन्हें रिटायर करने की सिफारिश की। इसके बाद यह सिफारिश सामान्य प्रशासन विभाग के पास पहुंची और वहां से मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजी गई। आयोग ने भी इसे स्वीकार किया और खन्ना को नौकरी से रिटायर करवा दिया गया।  इंदौर में खनिज अधिकारी रहे प्रदीप खन्ना खासे बदनाम रहे हैं।

लोकायुक्त के छापों के समय जब खन्ना के बंगले की तस्वीरें सामने आईं थी तो जांच अधिकारियों के साथ प्रदेश के कई बड़े-बड़े अधिकारी भी दंग रह गए थे। अपनी रईसी के लिए अक्सर सुर्खियों में बने रहने वाले प्रदीप खन्ना के खिलाफ आय से अधिक संपत्ती की शिकायतें की गईं थी।  जिसेक बाद यह कार्ऱवाई हुई थी।

छापों के दौरान मिली थी नौ लाख की नकदी

लोकायुक्त ने खन्ना के भोपाल स्थित तीन ठिकानों पर पांच माह पहले छापेमारी की थी। माउंटवर्ग कॉलोनी में स्थित उनके घर पर ही लाखों रुपये केवल सजावट पर खर्च किये गए थे। यहां लाखों रुपये के फर्नीचर थे तो आलीशान झूमर। घर में थियेटर, लिफ्ट के अलावा वैभव विलास का हर सामान मौजूद था।

खन्ना को महंगी शराब, नाइट लाइफ जीने, महंगे कपड़े और महंगी कारों का शौक है। नौकरी के कुछ ही सालों में उन्होंंने करोड़ों की दौलत कमा ली। उनकी रईसी के चर्चे अधिकारियों के बीच आम थे।

 

दैनिक भास्कर अख़बार के मुताबिक पांच महीने पहले जब खन्ना के निवास पर लोकायुक्त ने छापा मारा तो उनकी जिन संपत्तियों की जानकारी लगी थी उनमें…

  • नायता मुंडला स्थित माउंटबर्ग कॉलोनी में नवनिर्मित तीन मंजिल भवन।
  • इसी बंगले के बाजू में एक 1500 वर्ग फीट का प्लाॅट।
  • पटेल नगर स्थित पटेल-टावर में एक फ्लैट।
  • भोपाल में गौतम नगर में एक मकान।
  • 2 फोर-व्हीलर तथा 2-टू-व्हीलर वाहन के अलावा 09 लाख से अधिक की नकदी।
  • 13 लाख के स्वर्ण आभूषण तथा एक लाख के रजत आभूषण।
  • 6 बैंक अकाउंट संबंधी दस्तावेज।



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