खरगोन दंगे में लापता युवक की मौत, शिनाख्त नहीं होने पर इंदौर में रखा था शव


इबरेश की मौत पर पुलिस पर हर ओर से सवाल उठ रहे हैं। मृतक की मां और अन्य परिजन भी कई आशंकाएं जाहिर कर चुके हैं। इसे लेकर उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की जा रही है।


देश गांव
खरगोन Published On :
ibresh death khargone

खरगोन। खरगोन में दंगों के बाद पहली मौत का मामला सामने आया है। खरगोन के इस्लामपुरा क्षेत्र में रहने वाला 28 वर्षीय इबरेश खान सफाईकर्मी का काम करता था।

इबरेश की मौत की सूचना परिजनों को पुलिस ने देकर बताया, जबकि परिजनों का आरोप है कि 11 अप्रैल से इबरेश घर नहीं पहुंचा, काफी खोजबीन की। थाने और जिला अस्पताल, जेल सभी दूर पता किया लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

10 अप्रैल को आनंद नगर इलाके हुए पथराव और उपद्रव में गंभीर घायल हुआ था जिसे पुलिस ले गई थी। परिजनों के गंभीर आरोप हैं कि पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी। कब, कहां, कैसे ईलाज हुआ, अब मरने के बाद सूचना दे रहे हैं।

इबरेश की मौत पर पुलिस पर हर ओर से सवाल उठ रहे हैं। मृतक की मां और अन्य परिजन भी कई आशंकाएं जाहिर कर चुके हैं। इसे लेकर उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की जा रही है।

खरगोन में रामनवमी के दिन हुए साम्प्रदायिक उपद्रव के बाद इस्लामपुरा के रहने वाले इबरेश खान घर नहीं पहुंचा। परिजन बताते है कि वह अपने घर से 7.30 बजे आनंद नगर मस्जिद में नमाज और रोजेदारो के लिए इफ्तार देने निकला।

जो घर नहीं लौटा, परिवार वाले चार दिन तक उसकी तलाश करते रहे। परिजनों ने 14 अप्रैल को उसकी खरगोन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

पीड़ित मां मुमताज ने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि

इबरेश जिंदा है या मर गया, जिंदा हो तो बता दो। मर गया हो तो उसकी लाश ही दे दो। इबरेश की बीवी और 2 महीने की छोटी बच्ची है। हम बहुत परेशान हैं। कहीं पता नहीं लग रहा।

रविवार 17 अप्रैल की रात में पुलिस की सूचना पर परिजन इंदौर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचते है। जहां उसकी लाश मिलती है। मृतक के भाई अब्बास ने बताया कि इबरेश को सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। धारदार हथियार से उस पर हमला किया गया, पुलिस उसको बैठा के थाने भी ले गई थी। इस तरह के गंभीर आरोप मृतक के भाई ने लगाए हैं।

10 अप्रैल की रात को जानकारी मिलने पर घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।उसकी पहचान नहीं हो पाने पर युवक के शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस के पास कोई रिपोर्ट नहीं आने पर शव रखने की सुविधा नहीं होने पर इंदौर पहुंचाया था। 14 अप्रैल को एक गुम व्यक्ति की रिपोर्ट आई थी। उसके बाद जांच की गई तो पता चला कि इंदाैर में रखा शव इबरेश नामक युवक का है जिसे परिजनों को सौंप दिया गया है। उसकी सिर में चोट लगने से मौत हुई है। पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर लिया है फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस उपद्रवियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।

रोहित काशवानी, एसपी, खरगोन



Related