VIDEO: दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो की फोटो खींच रहे लोगों पर पलटी बरात ले जा रही बस, चार की मौत


पाटन से तेंदूखेड़ा जाने वाले रोड पर गुरुवार की सुबह एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस दौरान वहां से गुजर रहे दो बाइक पर सवार चार लोग रुके और हादसे की फोटो खींचने लगे। तभी बरात लेकर आ रही एक बस अनियंत्रित हुई और उन बाइक सवारों पर पलट गई।


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जबलपुर Updated On :
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जबलपुर। पाटन से तेंदूखेड़ा जाने वाले रोड पर गुरुवार की सुबह एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस दौरान वहां से गुजर रहे दो बाइक पर सवार चार लोग रुके और हादसे की फोटो खींचने लगे। तभी बरात लेकर आ रही एक बस अनियंत्रित हुई और उन बाइक सवारों पर पलट गई।

इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में बस में सवार दूल्हा, दूल्हन समेत लगभग 30 से अधिक लोग घायल हो गए।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही एएसपी ग्रामीण शिवेश सिंह बघेल ने पाटन टीआई और अन्य थाना प्रभारियों को बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचने के लिए कहा। पलटी बस को खड़ा करने के लिए क्रेन बुलाया गया, जिसकी मदद से बस को उठाया गया। इसके बाद ही बस के नीचे दबे लोगों को निकाला जा सका।

बताया जा रहा है कि बोलेरो को खाई में गिरा हुआ देखकर वहां से गुजरने वाले लोग रुककर हादसे का फोटो-वीडियो बनाने लगे। इस दौरान दो बाइक में सवार चार लोग रुके थे।

घायलों को बोलेरो से निकालने के बाद आरक्षक भी खाई से बाहर निकालकर सड़क पर आकर फूलबाई से हालचाल पूछने लगे। इसी दौरान इंदौर से शहपुरा बारात लेकर जा रही बस अनियंत्रित होकर उन लोगों पर ही पलट गई, जो बोलेरो की फोटो खींच रहे थे।

बस के नीचे दबने से फूलबाई, राहगीर रुपलाल निवासी दमोह तारादेही और बाइक सवार अन्य दो लोगों की मौत हो गई। वहीं आरक्षक गनपत और दौलत भी बस की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

एएसपी ग्रामीण शिवेश सिंह बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि

सुरखी सागर से महुआखेड़ा निवासी फूलरानी (60 वर्ष) अपने रिश्तेदारों के साथ गुरुवार सुबह लकवा का इलाज कराने के लिए बोलेरो में जबलपुर आ रही थी, जो तेंदूखेड़ा रोड पर पहुंचते ही अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। बोलेरो में फूलरानी के साथ तीन अन्य लोग सवार थे। चारों को मामूली चोट आई। सूचना पर पाटन डायल 100 के आरक्षक गनपत और सैनिक दौलत वहां पहुंचे और रेस्क्यू शुरू किया। बोलेरो से सबसे पहले फूलरानी को निकाला गया, जो सड़क किनारे जाकर बैठ गई। वहीं डायल-100 के आरक्षक ने अन्य तीन को बाहर निकाला।



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