खेतों के लिए जाने वाला रास्ता बंद होने से नाराज किसानों ने मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस-वे का काम रोक किया प्रदर्शन


रतलाम जिले के जावरा के पास स्थित ग्राम लालाखेड़ा के करीब पचास किसानों के खेत पर आने-जाने के लिए सीधा रास्ता बंद होने की वजह से आक्रोशित किसानों ने वैकल्पिक रास्ता देने की मांग को लेकर शनिवार सुबह निर्माणाधीन मार्ग पर पहुंचकर निर्माण में लगे सारे वाहनों को रोककर काम बंद करवा दिया और धरना देकर प्रदर्शन किया।


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उज्जैन Published On :
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एक्सप्रेस-वे निर्माण स्थल पर काम रुकवा कर प्रदर्शन करते आक्रोशित किसान।


– अधिकारियों के आश्वासन पर तीन घंटे बाद खत्म किया प्रदर्शन।
रतलाम। जिले के जावरा के पास स्थित ग्राम लालाखेड़ा के करीब पचास किसानों के खेत पर आने-जाने के लिए सीधा रास्ता बंद होने की वजह से आक्रोशित किसानों ने वैकल्पिक रास्ता देने की मांग को लेकर शनिवार सुबह निर्माणाधीन मार्ग पर पहुंचकर निर्माण में लगे सारे वाहनों को रोककर काम बंद करवा दिया और धरना देकर प्रदर्शन किया।

अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब तीन घंटे बाद प्रदर्शन खत्म किया गया। बता दें कि जिले के जावरा के पास से गुजर रहे मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेव-वे के निर्माण की वजह से ग्राम लालाखेड़ा के करीब पचास किसानों के खेतों पर आने-जाने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं बचा है।

शनिवार की सुबह किसान भगतराम पाटीदार, सत्यनारायण पाटीदार, किशनदास, राधेश्याम शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान जावरा-उज्जैन टू-लेन बायपास के पास निर्माणाधीन एक्सप्रेस-हाईवे पर पहुंचे। यहां आकर आक्रोशित किसानों ने निर्माण कार्य में लगे वाहनों को रोक दिया और फिर धरने पर बैठ गए। इससे निर्माण कार्य ठप हो गया।

औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी जनक रावत, तहसीलदार बामनिया व प्रोजेक्ट मैनेजर वहां पहुंचे और उन्होंने किसानों से उनकी परेशानी को लेकर चर्चा की।

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सड़क पर बैठकर इस तरह से रोक दिया आक्रोशित किसानों ने एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य।

किसानों ने नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और बताया कि सड़क का निर्माण होने से गांव व खेत दो हिस्सों में बंट गए है। करीब पचास किसानों की 500 बीघा से ज्यादा जमीन दूसरे हिस्से में चली गई है, जहां गांव से उन्हें जाने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा है।

आक्रोशित किसानों ने कहा कि रास्ता नहीं होगा तो वे खेतों पर पहुंचकर खेती कैसे करेंगे। क्या अपनी जमीन खाली छोड़ दें। उन्हें खेतों पर जाने के लिए रास्ता दिया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एसडीएम को मौके पर बुलाओ। हम उनसे ही चर्चा करेंगे और जब तक वैकल्पिक रास्ता नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें बताया कि एसडीएम छुट्टी पर हैं, सोमवार या मंगलवार तक आएंगे। प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा कि खेतों पर जाने के लिए जल्द ही वैकल्पिक मार्ग बनाने का काम भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।

धरना-प्रदर्शन खत्म कर रहे किसानों ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि सोमवार तक अगर वैकल्पिक रास्ता देने का काम शुरू नहीं किया गया तो वे फिर आंदोलन करेंगे।



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