कमलनाथ ने कहा ये भविष्य का चुनाव है, सुरजेवाला बोले सरकार आई तो पटवारी परीक्षा घोटाले की होगी जांच


कमलनाथ इन दिनों लगातार रैलियां कर रहे हैं। शुक्रवार को वे मंदसौर और दमोह पहुंचे।


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राजनीति Updated On :

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल गर्म है। दोनों दलों के नेता खूब चुनावी रैलियां कर रहे हैं। 18 साल से मप्र पर राज कर रहे सीएम शिवराज, कांग्रेस और कमलनाथ के 18 महीने के शासन में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। वहीं कांग्रेसी नेता इसका उल्टा कर रहे हैं। कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस बीच भोपाल में कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो वे पटवारी परीक्षा भर्ती घोटाले की जांच करवाएंगे क्योंकि यह परीक्षा एफआईआर के बाद भी हुई।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पीसीसी प्रमुख कमलनाथ ने कई रैलियां की। उन्होंने  मंदसौर और दमोह में जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान प्रदेश में  शिवराज सरकार के दौरान हुए घोटालों और अनियमितताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा द्वारा पंद्रह महीने की उनकी सरकार को गिराए जाने पर सवाल उठाए।

इससे पहले  कमलनाथ ने मंदसौर में कहा ‘सभी चुनाव के अपने-अपने मायने होते हैं, 17 तारीख को होने वाला चुनाव हमारे मध्य प्रदेश के भविष्य का चुनाव है, इस चुनाव में तय करेंगे कि आप आगे आने वाली पीढ़ी को किस तरह का प्रदेश सौपना चाहते हैं। मैंनें अपने जीवन में कई चुनाव जीते हैं और लड़े हैं, लेकिन प्रदेश के भविष्य के लिए कोई चुनाव हो रहा हो ये मैं पहली बार देख रहा हूं। 18 साल में शिवराज सिंह चौहान की सरकार में केवल घोटालों का ही विकास हुआ प्रदेश का नहीं।’

कमलनाथ ने आगे कहा, ‘आज प्रदेश का प्रत्येक नागरिक भ्रष्टाचार का शिकार है और पीड़ित है। जो नौजवान खड़े यहां हुए हैं वह बेरोजगार हैं, किसान परेशान हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि प्रदेश के नौजवान और उनका भविष्य हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है। कांग्रेस की सरकार आने पर नौजवानों को रोजगार, 100 यूनिट बिजली मुफ्त, किसानों को पांच हार्स पावर बिजली फ्री देने का काम करेंगे और 2600 रूपये गेहूं, 2500 धान के लिए समर्थन मूल्य देंगे। मंदसौर में किसान आंदोलन के समय पर हुए मुक़दमे वापिस लेने का काम हमारी सरकार करेगी।’

इससे पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने भोपाल में एक प्रेसवार्ता की। उन्होंने यहां पटवारी परीक्षा घोटाले पर बात की। सुरजेवाला ने कहा कि सरकार अगर बनती है तो इस परीक्षा और घोटाले की जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा कि  ‘पटवारी भर्ती परीक्षा घोटाले का खुलासा 4 अप्रैल 2023 को ही हो गया था जब ग्वालियर पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कर ली थी। लेकिन फिर भी 15 मार्च से 25 अप्रैल तक परीक्षा कराई गई क्योंकि सॉल्वर गैंग को शिवराज सरकार का संरक्षण प्राप्त था। हमारी सरकार बनने के बाद प्रदेश में पिछले 18 वर्षों में जितने घोटाले हुए उनकी जांच होगी और उसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी, कोई भी दोषी नहीं बचेगा।’

सुरजेवाला ने सीएम शिवराज से पांच सवाल भी पूछे, उन्होंने पूछा कि

1. जब 04 अप्रैल, 2023 को ही पटवारी भर्ती घोटाला सामने आ गया था, तो प्रदेश स्तर पर इसकी व्यापक जाँच क्यों नहीं की गई?
2. क्या पटवारी भर्ती घोटाला सरकार के संरक्षण में किया जा रहा था?
3. 04 अप्रैल के फ़र्ज़ीवाडे को क्यों छिपाया गया? और क्या गुपचुप चालान पेश कर दिया गया?
4. 18 साल से युवाओं के भविष्य को बेचने का यह गोरखधंधा क्यों चलाया जा रहा है?
5. 15 मार्च से 4 अप्रैल 2023 के बीच कितने फर्जी सोल्वर पटवारी भर्ती परीक्षा में  बिठाये गये ? पटवारी भर्ती घोटाले की जाँच का सच अब तक क्यों सामने नहीं आया?

सुरजेवाला ने इस दौरान आगे कहा कि ‘पुरानी कहावत है, पूत के पाँव पालने में दिख जाते हैं, 2004 में भाजपा की सरकार ने सत्ता में आते ही प्रदेश के युवाओं के भविष्य की बोली लगाना प्रारंभ कर दी थी जो आज तक भी जारी है। चाहे वो व्यापम घोटाला हो, डीमेट घोटाला हो, शिक्षक भर्ती घोटाला हो, नर्सिंग घोटाला हो या पटवारी भर्ती घोटाला… भाजपा ने प्रदेश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को घोटालों की भेंट चढ़ा दिया है।



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