ADR की रिपोर्ट में खुलासाः मोदी के 33 मंत्रियों पर दर्ज हैं आपराधिक केस, 70 मंत्री हैं करोड़पति


नेशनल इलेक्शन वॉच और एडीआर की नई रिपोर्ट में यह हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। मंत्रियों के चुनावी हलफनामे के आधार पर एडीआर ने यह रिपोर्ट तैयार की है।


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नई दिल्ली। मोदी सरकार के नए मंत्रिमंडल में अधिकांश मंत्री दागी हैं और इनमें से कईयों पर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके साथ ही अधिकांश मंत्री करोड़पति हैं।

नेशनल इलेक्शन वॉच और एडीआर की नई रिपोर्ट में यह हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। मंत्रियों के चुनावी हलफनामे के आधार पर एडीआर ने यह रिपोर्ट तैयार की है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, दो दिन पहले जिन 15 नए कैबिनेट मंत्री और 28 राज्य मंत्री को शपथ दिलाई गई है। उसमें से कई के नाम इस तरह के मामलों में शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल के 78 मंत्रियों में से 42 फीसदी पर आपराधिक केस हैं। इनमें हत्या जैसे गंभीर अपराध भी शामिल हैं। मंत्रिमंडल में ऐसे मंत्रियों की संख्या 33 है।

वहीं 24 यानी 31% पर गंभीर आपराधिक केस दर्ज है। देश के सबसे कम उम्र के नए गृह राज्यमंत्री निशीथ प्रमाणिक पर तो हत्या का मामला दर्ज है।

इसके अलावा चार अन्य मंत्रियों अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री जॉन बारला, गृह-युवा व खेल राज्यमंत्री प्रमाणिक, वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी और विदेश व संसदीय कार्य राज्यमंत्री वी मुरलीधरन पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है।

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट के 78 मंत्रियों में से 70 यानी 90 फीसदी मंत्री करोड़पति हैं। इनकी औसतन संपत्ति 16.24 करोड़ रुपये है। चार मंत्रियों ने अपनी 50 करोड़ की संपत्ति की घोषणा की है।

इनमें नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वाणिज्य उद्योग व कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल, एमएसएमई मंत्री नारायण राणे और कौशल विकास व इलेक्ट्रॉनिक आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर शामिल हैं।

वहीं मंत्री प्रतिमा भौमिक, जॉन बारला, कैलाश चौधरी, विश्वेश्वर टुडू, वी मुरलीधरन, रामेश्वर तेली, शांतनु ठाकुर और नीतीश प्रमाणिक ने बताया है कि उनकी संपत्ति एक करोड़ से कम है।

16 मंत्रियों ने अपनी देनदारी 1 करोड़ से अधिक बताई है। इन 16 में से तीन मंत्रियों नारायण राणे, पीयूष गोयल और कृष्ण पाल ने अपनी देनदारी 10 करोड़ से अधिक है।

12 मंत्रियों यानी 15 फीसदी ने अपनी शैक्षणिक योग्यता 8वीं से 12वीं के बीच बताई है जबकि 64 यानी 82 फीसदी मंत्रियों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता स्नातक और उससे ज्यादा बताई है।

दो मंत्री 8वीं पास, तीन मंत्री 10वीं पास तो सात मंत्री 12वीं पास हैं। 15 मंत्री स्नातक हैं तो 17 मंत्री व्यावसायिक विषयों में स्नातक हैं। 21 मंत्री के पास पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री है तो नौ के पास डॉक्टरेट की उपाधि है।



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