नगरीय निकाय चुनावः सारंगपुर में प्रत्याशियों का चयन ही दलों के लिए साबित हो रहा कठिन परीक्षा


कई दावेदार नेता जहां अभी से जनसेवा में लग गए हैं तो कई जनता से ही राय-मश्विरा कर रहे हैं और लगभग इस उम्मीद में जनता के सामने खड़े हैं कि वे किसी तरह उन्हें उम्मीदवार मान लें ताकि टिकिट मांगने का आधार भी मज़बूत हो जाए क्योंकि  निकाय चुनाव विशुद्ध रूप से लोकप्रियता और विकास के मुद्दे पर ही लड़े जाते हैं।   


देश गांव
राजगढ़ Published On :

राजगढ़- सारंगपुर। विधानसभा चुनावों का शोर थम चुका है और अब सबसे ज़मीनी चुनावों की बारी है। चुनाव जो क्षेत्र और प्रदेश तक की राजनीतिक दिशा तय करते हैं। नगरीय निकाय चुनावों की आरक्षण प्रक्रिया हो चुकी है और अब आने वाले किसी भी दिन आचार संहिता लागू हो सकती है।

दोनों ही दलों में उम्मीदवारी की आस लगाए बैठे दावेदारों की संख्या बढ़ चुकी है इसका एक बड़ा कारण इस बार की आरक्षण प्रक्रिया भी है जो हर किसी को आगे निकलने का मौका दे रही है। आशा लगाए बैठे दावेदारों के लिए जहां यह खुला मौका है तो राजनीतिक दलों के लिए चयन में संकट की घड़ी।

सारंगपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद हेतु अनारक्षित मुक्त होने से इस बार कोई भी चुनाव लड़ सकता है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के दावेदारों के चेहरों पर मुस्कान आ गई है। छोटे से लेकर बड़े नेता अब खुलकर अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। अब तक पार्षदी की चर्चाएं हो रहीं थी तो अब अध्यक्ष की बात हो रही है।  कई दावेदार नेता जहां अभी से जनसेवा में लग गए हैं तो कई जनता से ही राय-मश्विरा कर रहे हैं और लगभग इस उम्मीद में जनता के सामने खड़े हैं कि वे किसी तरह उन्हें उम्मीदवार मान लें ताकि टिकिट मांगने का आधार भी मज़बूत हो जाए क्योंकि  निकाय चुनाव विशुद्ध रूप से लोकप्रियता और विकास के मुद्दे पर ही लड़े जाते हैं।

कांग्रेस की बात करें तो यहां पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ही चलती है। वे ही कांग्रेस के प्रत्याशी के नाम पर पहली और आख़िरी मोहर लगाते हैं।

कयासों के मुताबिक इन प्रत्याशियों में पहला नाम ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद अली का है। जो राघोगढ़ राजघराने के खास माने जाते हैं।

इसके बाद दूसरा नाम भी राजा साहब  के ही करीबी कहे जाने वाले राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि शेख मुशर्रफ का आता है।

इसके बाद  पूर्व ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष राधेश्याम राठौर, अंतर सिंह चंदेल, एडवोकेट अनिल दीक्षित, समीर खान भुरू,  संजू विजयवर्गीय  आदि का नाम आता है।

भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो यहां दावेदारों की संख्या अब काफी बढ़ चुकी है। 

इनमें सबसे पहला नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विष्णु पाटीदार को माना जा रहा है। पाटीदार अपनी सेवाभावी छवि के लिए जाने जाते रहे हैं।

इसके अलावा पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष ललित पालीवाल के पुत्र पूर्व पार्षद पंकज पालीवाल भी उम्मीदवार हो सकते हैं। उनकी युवाओं में बेहतर पैठ है।

इसके अलावा  पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष भैरूलाल पुष्पद , पूर्व मंडल अध्यक्ष ओम पुष्पद, उपेंद्र सिंह छावरी, रामनारायण पुष्पद, जिला उपाध्यक्ष निर्मल जैन, पूर्व मंडल अध्यक्ष विजय जैन, शैलेंद्र विजय बारकिया, शिवचरण पुष्पद, गोपाल राठौर नाना सोनी और हाल फिलहाल में भाजपा में शामिल हुए और सिंधिया के करीबी माने जाने वाले अक्षय सक्सेना की दावेदारी भी मजबूत है।



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