सीधीः जंगल में लकड़ी बीनने गई 12 वर्षीय बच्ची को तेंदुए ने बनाया अपना शिकार


झपरी गांव के जंगल में शनिवार को 12 वर्षीय बच्ची सरोज पिता शिवनारायण सिंह को तेंदुए ने शिकार बना लिया। बच्ची अपनी मां के साथ सुबह लकड़ी लेने जंगल में गई थी।


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सीधी। झपरी गांव के जंगल में शनिवार को 12 वर्षीय बच्ची सरोज पिता शिवनारायण सिंह को तेंदुए ने शिकार बना लिया।

बच्ची अपनी मां के साथ सुबह लकड़ी लेने जंगल में गई थी। जब वह अन्य महिलाओं के साथ लकड़ी के गट्ठर बांध रही थी, तभी तेंदुआ उसे जंगल में खींच ले गया। महिलाओं के चिल्लाने के बाद तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया। हालांकि, परिजन एवं ग्रामीण जब तक पहुंचे, बच्ची ने दम तोड़ दिया था।

जानकारी के मुताबिक, जंगल में लकड़ी बीनने गई 12 वर्षीय लड़की को एक तेंदुआ बड़ी बहन की आंखों के सामने से मुंह में दबाकर भाग गया। लड़की को बचाने के लिए साथ में गईं महिलाओं और उसकी बड़ी बहन ने तेंदुए को पत्थर मारे तब करीब सौ मीटर दूर जाकर लड़की को छोड़कर भागा, लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी।

घटना की जानकारी जंगल से ग्रामीणों को दी गई। घटना मड़वास रेंज के खजुरिहा कक्ष 1389 बादामनाका की सुबह करीब आठ बजे की है। घटना की जानकारी वन विभाग के अमला को लगी तो वह करीब 20 मिनट के अंदर पहुंच गया। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

घटना की सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद अंसारी संयुक्त संचालक संजय टाइगर रिजर्व, रेंजर जगदीश चंद्र उइके, राज बहोर पटेल मुंशी, तहसीलदार मड़वास, पुलिस अमला मौके पर पहुंच गया।

जंगल में लकड़ी बीनने गई 12 वर्षीय लड़की को तेंदुआ उठा ले गया था जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। घटना संजय टाइगर रिजर्व के बफर एरिया की है।

– एए अंसारी, संयुक्त संचालक, संजय टाइगर रिजर्व, सीधी

बता दें कि जनवरी 2006 में लकड़ी बीनने गए छुहिया निवासी एक छह साल के बच्चे को तेंदुआ उठा ले गया था। यह बच्चा अपने बाबा के साथ गया हुआ था। दूसरी घटना मार्च-अप्रैल में हुई थी जब धुपखड़ निवासी एक लड़की महुआ बीनने जंगल में गई हुई थी। उसे भी एक तेंदुआ मौके से उठा ले गया था।



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