छतरपुरः किसान ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में लिखा- हर एक अंग बेचकर चुका दें 80 हजार का बकाया


किसान मुनेंद्र का शव खेत में आम के पेड़ पर फंदे पर लटका मिला। वहीं पास में तीन पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है कि उसका शरीर सरकार को सौंप दिया जाए और शरीर का अंग-अंग बेच कर उसका बकाया कर्ज चुका दिया जाए।


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सागर Updated On :

छतरपुर। छतरपुर के मातगुवां कस्बे में किसान मुनेंद्र (35 वर्ष) पिता घनश्याम राजपूत ने फांसी लगा ली। बताया जा रहा है कि उस पर आटा चक्की का 88 हजार रुपये बिजली बिल बकाया होने पर बिजली कंपनी ने कुर्की की कार्रवाई की थी।

मुनेंद्र के परिवार में उसकी पत्नी बिनोवा, तीन बेटियां और एक बेटा है। उसकी मौत के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव शोक में है।

कस्बे में ही आटा चक्की चलाने वाले किसान मुनेंद्र का शव खेत में आम के पेड़ पर फंदे पर लटका मिला। वहीं पास में तीन पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है कि उसका शरीर सरकार को सौंप दिया जाए और शरीर का अंग-अंग बेच कर उसका बकाया कर्ज चुका दिया जाए।

दूसरी तरफ, किसान के आत्महत्या करने के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि साल 2018 से उसका बिल बकाया था और उसे बाकायदा कई बार नोटिस भी दिया गया था।

आटा चक्की चलाने वाले मुनेंद्र के नाम पर डेढ़ साल का 88 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया था। बिजली कंपनी के कर्मचारी सोमवार यहां बकाया बिल वसूलने पहुंचे और बिल नहीं चुकाने पर उन्होंने चक्की, 10 हॉर्सपावर की मोटर और बाइक जब्त कर ली। इस बात से मुनेंद्र खुद को अपमानित महसूस कर रहा था।

मुनेंद्र के भाई लोकेन्द्र राजपूत ने बताया कि

मुनेंद्र ने बिल वसूलने आई टीम से कहा था कि वे सामान जब्त ना करें। वो फिलहाल 10-15 हजार रुपये जमा कर रहा है। बाकी रकम फसल आने पर जमा कर देगा। लेकिन, उन्होंने उसकी एक नहीं सुनी। सामान जब्त कर मुनेंद्र के जबरन दस्तखत करवा लिए। इससे वह सदमे में आ गया।

किसान के पेड़ से लटके होने की सूचना पर मातगुवां थाना प्रभारी कमलजीत सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल पर पुलिस को तीन पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है कि उसका शरीर सरकार को सौंप दिया जाए। वह मेरे शरीर का एक-एक अंग बेचकर कर्ज चुका दे।

suicide-note

नोट में सभी को अंतिम नमस्कार भी लिखा है। उसने कर्ज ना चुका पाने का कारण भी लिखा है। नोट में उसने लिखा है कि लॉकडाउन में काम ठप होने, एक भैंस की करंट से मौत व तीन भैंस चोरी होने और खेती से भी आमदनी नहीं होने के कारण वह बिल नहीं चुका पाया।

गुरुवार दोपहर एसपी सचिन शर्मा और डीआईजी विवेकराज सिंह भी घटनास्थल व गांव में पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लेकर पुलिस अधिकारियों को निर्देश भी दिए।

एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। बिजली कंपनी के बकाया और सुसाइड नोट की जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।